अमेठी सिटी। गरीब परिवारों को सहारा देने के लिए चलाई जा रही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना पर अमीरों की नजर गड़ी है। जिले में ऐसे 56 परिवार सामने आए हैं जिनका सालाना टर्नओवर दो करोड़ रुपये से अधिक है, नियमित रूप से आयकर जमा करते हैं, फिर भी पत्नी के नाम पर बने राशन कार्ड से हर माह मुफ्त अनाज ले रहे हैं।
आयकर विभाग के पोर्टल से आधार व पैन कार्ड के विवरण मिलान में यह गड़बड़ी पकड़ी गई। सूची में दर्ज नामों की जांच से सामने आया कि अपात्र परिवार वर्षों से कोटे की दुकान से मुफ्त राशन ले रहे हैं। उर्मिला शुक्ला के नाम पर बने राशन कार्ड से उनके पति रविकांत, जिनका कारोबार दो करोड़ रुपये से ऊपर है, अनाज ले रहे हैं। सुशीला तिवारी के कार्ड से उनके पति अभिषेक, फूलाऊ के कार्ड से सुरेश कुमार और सफिउल्लनिशा के कार्ड से मोहम्मद सलीम मुफ्त राशन ले रहे हैं, जबकि इनका टर्नओवर करोड़ों में है।
इसी तरह मंजू देवी के कार्ड से उनके पति शुभम हर माह अनाज ले रहे हैं, जिनकी सालाना आय दो करोड़ रुपये से ज्यादा है। इस खुलासे से विभागीय अधिकारियों के होश उड़ गए हैं। नियमानुसार इस योजना का लाभ केवल उन परिवारों को मिलना चाहिए जिनकी आय बेहद कम है और जीवनयापन मुश्किल है। मगर जांच में सामने आया कि जिन परिवारों को सबसे अधिक जरूरत है, वे कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, जबकि संपन्न लोग आराम से सरकारी अनाज उठा रहे हैं। यह स्थिति सरकार की महत्वाकांक्षी योजना की साख पर सवाल खड़े कर रही है। गरीबों के हिस्से का अनाज अमीर ले जा रहे हैं, वहीं जरूरतमंद खाली हाथ रह जाते हैं। अब विभाग की अगली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
की जा रही है जांच
जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत सेन ने बताया कि शासन से मिली सूची का सत्यापन किया जा रहा है। जांच सही पाए जाने पर सभी अपात्र कार्ड रद्द कर दिए जाएंगे और योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों को दिया जाएगा।