अमेठी में पुलिस की कार्यशैली से खफा महिला किसानों ने थाने का घेराव किया। उन्होंने नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया। वहीं इंस्पेक्टर ने कहा कि दो पक्षों में भूमि विवाद का मामला है। पुलिस पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
यूपी के अमेठी में पैतृक भूमि पर भवन निर्माण करा रहे किसान संकठा को कुछ लोग परेशान कर रहे हैं। पुलिस से शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे गुस्साई महिलाओं ने रविवार को थाने का घेराव किया। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
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मामला जामो थाना क्षेत्र के उमराडीह गांव का है। गांव निवासी संकठा ने बताया कि पुलिस ने हमारी शिकायतों की अनदेखी करते हुए हमें ही शांतिभंग की आशंका में पाबंद करके एसडीएम कोर्ट भेज दिया। इससे विपक्षियों का मनोबल और बढ़ गया है। पुलिस की इस कार्यशैली से आक्रोशित महिला किसान संगठन की सदस्य लाठी-डंडे लेकर सड़क पर उतरीं।
महिला किसानों ने विपक्षियों को संरक्षण देने की बात कही
उन्होंने जामो थाने का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की सूचना पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी अखिलेश वर्मा को महिला किसानों ने पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए पीड़ित को परेशान करने और विपक्षियों को संरक्षण देने की बात कही। साथ ही मामले की जांच करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में किसान नेता रीता सिंह, श्यामा मिश्रा, वंदना मिश्रा, ऊषा, सुनीता समेत बड़ी संख्या में महिला किसान मौजूद रहीं।
इंस्पेक्टर विनोद सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच भूमि विवाद चल रहा है। उसका निस्तारण राजस्व विभाग के स्तर से किया जाना है। पूर्व में विवाद की सूचना पर पुलिस ने निर्माण कार्य बंद करवा दिया था। दोनों पक्षों को शांतिभंग की आशंका में एसडीएम कोर्ट भेजा था। पुलिस स्तर से भूमि विवाद का समाधान संभव नहीं है। यह बात दोनों पक्षों को स्पष्ट कर दी गई है। राजस्व विभाग से निस्तारण तक निर्माण कार्य रोकने के लिए कहा गया था। शेष सभी आरोप निराधार हैं।