जामों (अमेठी)। देहरादून में दुकान स्वामी व रिश्तेदार की प्रताड़ना और चोरी के आरोप से क्षुब्ध होकर अमरेंद्र ने आत्महत्या की थी। गांव के पास बाग में शव फंदे से लटका मिलने के बाद युवक के पिता ने दुकान मालिक व उसके रिश्तेदार पर आत्महत्या के लिए उकसाने व प्रताड़ित करने संग कई आरोप लगाए हैं।
जामों थाना क्षेत्र के पूराकलंदर अचलपुर गांव निवासी अमरेंद्र पासी (20) देहरादून में सहारनपुर चौक के सामने दीपेश माटा की फास्ट फूड की दुकान पर काम करता था। परिजनों के अनुसार मंगलवार को अमरेंद्र घर आने के लिए देहरादून से निकला। अमरेंद्र के देहरादूून से रवाना होने के बाद दुकान मालिक दीपेश माटा ने उस पर 40 हजार रुपये चोरी कर भागने का आरोप लगा दिया। दीपेश माटा ने रिश्ते में साले लगने वाले समीर अजरवात को निहालगढ़ में अमरेंद्र का रोक कर तलाशी लेने की बात कही। इतना ही नहीं, इसके बाद दोनों फोन कर उसे प्रताड़ित करने लगे।
बुधवार को अमरेंद्र निहालगढ़ स्टेशन पहुंचा तो समीर अजरवात ने उसे रोककर तलाशी ली तो पैसा नहीं मिला, इसके बाद भी उसका मोबाइल फोन छीन लिया। परिजनों के अनुसार दुकान मालिक दीपेश माटा व उसके रिश्तेदार समीर अजरवात की प्रताड़ना से तंग आकर अमरेंद्र ने घर पहुंचने के बजाय गांव के बाहर उमाकरण बाग में पेड़ पर फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली। पिता जयकरन ने दोनों के खिलाफ बेटे को प्रताड़ित करने व आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी। एसएचओ विनोद सिंह ने बताया कि मामले में केस दर्ज किया गया है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मां कर रही थी बेटे का इंतजार, मिली मौत की खबर
अमरेंद्र ने देहरादून से ट्रेन पकड़ने के बाद पिता जयकरन के मोबाइल पर फोन कर मां भानुमती से बात की। कहा कि घर आ रहा हूं। बेटे के आने की सूचना मिलने के बाद मां भानुमती खुश थीं। बुधवार को बेटे का इंतजार कर रही थीं। कभी सड़क पर आतीं तो कभी आसपास के लोगों से पूछतीं कि क्या समय हो गया है। हमरे भैय्या अभी नहीं आए, लेकिन इसी बीच एक मनहूस खबर ने मां भानुमती के सपनों को बिखेर दिया। बेटे की मौत की सूचना पर मां बिलख-बिलख कर रो रही हैं। भाई विजयभान और बहन मानसी व नीसू का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता जयकरन बेटे की मौत से सदमे में है। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है।