जगदीशपुर के नसीराबाद में बिजली दुरुस्त करते ऊर्जा निगम के कर्मी। स्रोत: विभाग
जगदीशपुर। थौरी उपकेंद्र पर ग्रामीणों के धरना और हंगामे के बाद मंगलवार को ऊर्जा निगम सक्रिय नजर आया। सुबह होते ही विभागीय टीमें गांवों में पहुंच गईं और टूटे खंभों, क्षतिग्रस्त तारों व खराब लाइनों को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया। कई गांवों में नए खंभे लगाने की कवायद भी तेज हो गई।
आंधी और बारिश के बाद पिछले 13 दिनों से क्षेत्र के 22 पुरवों की करीब 20 हजार आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर थी। बिजली न रहने से पेयजल संकट, मोबाइल चार्जिंग, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे थे। लगातार अनदेखी से नाराज ग्रामीण सोमवार रात थौरी उपकेंद्र पहुंच गए और बिजली बहाली की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे।
देर रात अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। मंगलवार को लाइनमैन और तकनीकी कर्मचारियों की टीमें अलग-अलग गांवों में काम करती दिखीं। कहीं टूटे तार जोड़े गए तो कहीं झुके बिजली खंभों को सीधा किया गया। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि जल्द आपूर्ति बहाल होने से राहत मिलेगी।
एक्सईएन अभिषेक कुमार ने बताया कि क्षेत्र में क्षतिग्रस्त लाइनों को तेजी से दुरुस्त कराया जा रहा है। अभी 35 नए बिजली खंभे लगाए जाने हैं। कार्य पूरा होते ही प्रभावित गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।