जिले में राजकीय महिला महाविद्यालय से क्या हुआ बदलाव?
असिस्टेंट प्रोफेसर ज्योतसना जायसवाल ने बताया कि सबसे महत्वपूर्ण बात है कि अमेठी जनपद का ये पहला महिला महाविद्यालय है, वो राजकीय और कम शुल्क में छात्राओं के लिए शिक्षण की व्यवस्था उपलब्ध करता है। सभी राजकीय सुविधाएं जो शासन से प्राप्त होती हैं। उसकी सुविधा भी इनको मिलती हैं। पहले पेरेंट्स पढ़ने भेजते नहीं थे। लेकिन महिला महाविद्यालय खुलने से उनकी उच्च शिक्षा में निरंतरता बनी हुई है। इनको शिक्षा छोड़नी नहीं पड़ रही है। स्थानीय निवासी शुभम ने बताया कि यहां बहुत फायदा हो रहा है। हमारे यहां से भी लड़कियां आ रही हैं। बहुत अच्छा स्कूल बना हुआ है। पहले तो स्कूल यहां पर नहीं था। योगी सरकार बहुत बढ़िया काम कर रही है। आगे पूछा कि योगी सरकार फिर से सत्ता में आएगी तो जवाब में बताया कि लग तो रहा है। इस बार फिर से सत्ता में योगी सरकार आ जाएगी।
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अमेठी में युवाओं को कैसे मिल रहा रोजगार?
मूंज उत्पादन संचालक भवानी प्रसाद निषाद ने बताया कि गरीब थे, बचपन में पिता का निधन हो गया। तीन साल की उम्र थी। मेरा मोह,ल्ला मेरा समाज यहां पर कम से कम लाखों की संख्या में है। बेरोजगार रहता था। रस्सियों का काम करते थे। मगर हम लोग पढ़ाई करने के बाद प्रदेश चले गए। प्रदेश जाने के बाद 2017 में भारतीय जनता पार्टी की जब सरकार बनी। तो हमने देखा वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट तो सब जनपद की एक पहचान है। तो हमारे यहां अमेठी का बिस्किट था। उस वक्त की सांसद स्मृति ईरानी थीं। हमने कहा दीदी आप मंत्री हैं और हमारे अमेठी में लाखों मछुआरे हैं और निशुल्क सरपत का काम होता है। अन्य शहरों में होता है। तो अमेठी में क्यों ना किया जाए। तो यहां मूंज का काम शुरू कर दिया। निस्वार्थ नेचुरल प्रोडक्ट बनेगा। इसको मार्केट प्लेटफार्म मिल जाएगा। अमेठी को मूंज का एक जनपद उत्पाद के चिन्हित किया गया। इसके बाद सीएम योगी से भी मुलाकात हुई। उन्होंने भी कहा कि आप आश्वासन देंगे। इसके बाद सरकार से ममद मिली। लोन लिया, ट्रेनिंग ली फिर ओडीओपी निशुल्क ट्रेनिंग से लोगों को रोजगार मिला।
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हस्तशिल्प से कैसे सशक्त हो रहीं महिलाएं?
बातचीत के दौरान मूंज शिल्प से मिले काम के बारे में एक महिला ने बताया कि अब पहले रस्सी बाद भर के रोटी पानी खा रहे थे। अब डबल सैलरी बना के मेले हाट और बाजार बेच के खा रहे हैं। जैसे सरकार हमे भेज देती थी, कभी दिल्ली, कभी मेरठ। पहले से कमाई जो है अब तो होने लगी है। पहले से तो बहुत फायदा हो रहा है। कम मेहनत है। पहले भकर-भकर चार किलो मुंगरा उठा के रानीगंज बाजार में बेचने जाना होता था। अब बहुत सुधार है। अब काम मिल रहा है। महिला ने बातचीत में बताया कि मेला हाट लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात हुई थी।
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