अमेठी। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था को गति देने के लिए अमेठी डिपो को 25 प्रस्तावित मिनी बसों में से पहली बस बृहस्पतिवार को मिल गई। शुक्रवार को चार और मिनी बसों के आने की संभावना है। इन बसों से ग्रामीण यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी और निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी।
फिलहाल डिपो के पास रोडवेज की 55 और अनुबंधित श्रेणी की तीन बसें हैं। नई मिनी बसों के जुड़ने से नेटवर्क का विस्तार होगा और संचालन क्षमता में वृद्धि होगी। एआरएम काशी प्रसाद ने बताया कि कुल 25 मिनी बसें मंजूर की गई हैं, जिनकी आपूर्ति शुरू हो चुकी है। यह बसें विशेष रूप से ग्रामीण रूट, ब्लॉक मुख्यालय, बाजार और स्वास्थ्य केंद्रों से जोड़ने में सहायक होंगी।
अमेठी से वाराणसी, रायबरेली और अयोध्या जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी सेवा अब भी उपलब्ध नहीं है। इन मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को अब तक निजी वाहन या बीच रास्ते में बसें बदलने की मजबूरी रही है। डिपो प्रबंधन को उम्मीद है कि मिनी बसों के संचालन से इन मार्गों पर जल्द ही सीधी सेवा शुरू हो सकेगी। रूट निर्धारण की प्रक्रिया जारी है और जैसे ही शेष बसें मिलेंगी, संचालन आरंभ कर दिया जाएगा।
डिपो पर तैयार हो रहा आयशर वर्कशॉप, रखरखाव में मिलेगी सहूलियत
मिनी बसों के बेहतर संचालन और समयबद्ध मरम्मत के उद्देश्य से अमेठी डिपो परिसर में आयशर कंपनी का तकनीकी वर्कशॉप तैयार किया जा रहा है। यह केंद्र विशेष रूप से नई बसों की देखरेख, मेंटेनेंस और तकनीकी परीक्षण के लिए उपयोग में लाया जाएगा। इससे बसों की तकनीकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान हो सकेगा और सेवा निरंतर बनी रहेगी। डिपो प्रशासन का मानना है कि इससे संचालन और रखरखाव दोनों बेहतर होंगे।