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VIDEO : घर में टैंक की खुदाई के दौरान मिले 29 तोप के गोले, निष्क्रिय करने के लिए जमीन में दबाए जाने का अनुमान

Wed, 19 Aug 2026 03:04 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, अमेठी

सार

सहायक पुरातत्व अधिकारी के अनुसार इन गोलों के 70 से 80 वर्ष पुराना होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि संभवत: इन्हें निष्क्रिय करने के लिए यहां दबाया गया होगा।
 
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खुदाई में मिले तोप के गोले। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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अमेठी जिले के मुसाफिरखाना के भनौली गांव में मंगलवार को घर निर्माण के लिए टैंक की खुदाई के दौरान मिले 29 धातु के गोलों की बुधवार को पुरातत्व विभाग की टीम ने जांच की। सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने प्रथमदृष्टया इन्हें तोप के गोले बताया है। उन्होंने इनके करीब 70 से 80 वर्ष पुराने होने की संभावना जताई। पुरातत्व विभाग की जांच के बाद अब इन गोलों को लेकर पहले से बनी आशंकाओं को दिशा मिली है। हालांकि इनके इतिहास और जमीन में दबाए जाने की वजह का पता विस्तृत जांच के बाद ही चलेगा।
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सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने मौके पर पहुंचकर गोलों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि गोलों की परिधि करीब 60 सेंटीमीटर और ऊंचाई लगभग 20 सेंटीमीटर है। इनके ऊपरी हिस्से में फ्यूज होल और हरे रंग की प्लेटिंग दिखाई दे रही है। इन विशेषताओं के आधार पर इन्हें प्रथमदृष्टया तोप के गोले माना गया है। उन्होंने बताया कि इनकी उम्र करीब 70 से 80 वर्ष होने की संभावना है।

डॉ. मनोज कुमार ने आशंका जताई कि इन गोलों को निष्क्रिय करने के उद्देश्य से किसी स्थान से लाकर जमीन में दबाया गया होगा। हालांकि इन्हें किस स्थान से लाया गया और किस समय जमीन में दबाया गया था, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल सकी है। विस्तृत जांच में इनके निर्माण, उपयोग और पुराने स्थान के संबंध में जानकारी जुटाई जाएगी।
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मंगलवार को गोलों की बरामदगी के बाद पुलिस और तहसील प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें कब्जे में लिया था। घटनास्थल को सीज कर सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। बुधवार को पुरातत्व विभाग की टीम के निरीक्षण के दौरान भी अधिकारी मौजूद रहे। मौके पर एसडीएम नितेश राज, सीओ अतुल सिंह, थाना प्रभारी विवेक कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अब विस्तृत जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि ये गोले किस दौर के हैं और इन्हें यहां क्यों दबाया गया था।
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