अमेठी सिटी। स्पेशल कोर्ट सुल्तानपुर ने 23 वर्ष पुराने गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी को पांच साल के सश्रम कारावास के साथ 21 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जामों थाना के शिवपुर-बक्शगढ़ गांव निवासी चंद्रकला ने 10 जून 2002 को एफआईआर दर्ज कराई थी कि उनके परिवार और गांव के श्रीराम व कल्पनाथ के पक्ष के बीच आबादी की भूमि को लेकर विवाद चल रहा था। इसी भूमि पर रखी ईंट हटाने को लेकर कहासुनी हुई थी। आरोप है कि ईंट हटाते समय मना करने पर रामलाल धोबी के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। इस घटना में उन्हें गंभीर चोटें आईं। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले की सुनवाई 23 साल तक स्पेशल कोर्ट में चली। विचारण के दौरान सहआरोपी श्रीराम की मृत्यु हो गई थी, जबकि कल्पनाथ के विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई जारी रही। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर कल्पनाथ को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया था। दोषी की सजा का एलान कोर्ट ने मंगलवार को किया।