मुसाफिरखाना। तहसील में उपजिलाधिकारी के कार्य-व्यवहार से नाराज अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार तेजी पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को बार अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर और मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन करते हुए घरना दिया। इस दौरान 22 जनवरी को प्रस्तावित महापंचायत में बढ़चढ़ कर हिस्सेदारी की अपील की गई।
अधिवक्ताओं का कहना है कि उनकी शिकायतों के निस्तारण को लेकर प्रशासन पूरी तरह उदासीन बना है। मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्रित हुए अधिवक्ता नारेबाजी के बाद उपजिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए। उन्होंने न्यायोचित मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग को दोहराया। अधिवक्ताओं द्वारा प्रस्तावित महापंचायत को किसान यूनियन के भानु गुट और टिकैत गुट से समर्थन मिलने की संभावना भी जताई जा रही है। प्रदर्शन में संजय शुक्ला, केके सिंह, अश्विनी श्रीवास्तव, इमरान, प्रमोद श्रीवास्तव, बिपिन सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।
उधर, मंगलवार को अमेठी तहसील अधिवक्ता संघ भवन में अध्यक्ष दिनेश सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में 22 जनवरी को प्रस्तावित महापंचायत की तैयारियों पर चर्चा के साथ इसमें बढ़चढ़ कर सहभागिता करने की अपील की गई। वकीलों की बैठक के चलते राजस्व कोर्ट में न्यायिक कार्य ठप रहने से वादकारियों को काफी परेशानी उठाना पड़ी। गौरीगंज स्थित सेंट्रल बार एसोसिएशन की बैठकमें मुसाफिरखाना के उपजिलाधिकारी अभिनव कनौजिया के कार्य-व्यवहार की निंदा करते हुए आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की गई।
तिलोई। मुसाफिरखाना प्रकरण को लेकर तिलोई के अधिवक्ता भी आक्रोशित नजर आए। न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करने के कारण अब तक कुल 221 मुकदमों की सुनवाई नहीं हो सकी है। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अमर बहादुर सिंह और महामंत्री सुरेंद्र कुमार शुक्ला के नेतृत्व में मंगलवार को भी धरना प्रदर्शन किया गया। महामंत्री ने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।(संवाद)