मुसाफिरखाना। उपजिलाधिकारी की उपेक्षापूर्ण कार्यप्रणाली से नाराज अधिवक्ताओं की महापंचायत बृहस्पतिवार 22 जनवरी को होगी। बुधवार को अधिवक्ताओं ने महापंचायत को सफल बनाने के लिए बैठक आयोजित कर तैयारियों को अंतिम स्वरूप दिया। उधर, 30 दिसंबर से चल रहे कार्य बहिष्कार के चलते तहसील में बुधवार को भी न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर कामकाज ठप रखा। जिससे राजस्व कोर्ट में वादों की सुनवाई न होने से पक्षकारों को सिर्फ तारीख लेकर लौटना पड़ा।
बुधवार को बार सभागार में हैदरगढ़ तहसील बार अध्यक्ष राम अचल मिश्रा और मुसाफिरखाना बार अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल की अगुवाई में एक बैठक हुई। इसमें आंदोलन की आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा करते हुए महापंचायत से जुड़ी जिम्मेदारियों का बंटवारा किया गया। महापंचायत में आसपास के कई जिलों से करीब दो हजार अधिवक्ताओं के शामिल होने की संभावना है। बाहर से आने वाले अधिवक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एसोसिएशन की तरफ से विशेष बसों की व्यवस्था भी कराई जा रही है। चार पहिया वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था गांधी पार्क में और दो पहिया वाहनों की पार्किंग बस स्टेशन परिसर में कराई जाएगी। 30 दिसंबर से शुरू हुए इस आंदोलन के कारण जिले की चारों तहसील में न्यायिक कामकाज प्रभावित चल रहा है।
नहीं चली कोर्ट, निराश लौटे वादकारी
अमेठी। मुसाफिरखाना तहसील प्रकरण के समर्थन में अधिवक्ताओं की हड़ताल का असर बुधवार को अमेठी तहसील में भी दिखा। न्यायिक कार्य न होने के कारण बड़ी संख्या में वादकारी बिना सुनवाई के ही निराश लौट गए। बार एसोसिएशन सचिव अनिल तिवारी ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक समर्थन जारी रहेगा।उधर, गौरीगंज में सेंट्रल बार एसोसिएशन के बैनर तले अध्यक्ष पृथ्वीराज मिश्र की अगुवाई में बैठक हुई। बैठक में बृहस्पतिवार को मुसाफिरखाना में आयोजित होने वाली महापंचायत में भाग लेने के लिए न्यायिक कार्य बहिष्कार जारी रखने पर चर्चा हुई। अधिवक्ताओं ने एसडीएम पर कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। (संवाद)