मुसाफिरखाना तहसील में प्रदर्शन करते अधिवक्ता। स्त्रोत : संगठन
मुसाफिरखाना। तहसील परिसर में अधिवक्ताओं का एसडीएम न्यायिक के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया और मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
बार एसोसिएशन मुसाफिरखाना की शुक्रवार को हुई बैठक में किसी ठोस निर्णय पर सहमति नहीं बन सकी थी, जिसके चलते शनिवार को भी विरोध-प्रदर्शन जारी रहा। अधिवक्ताओं ने कहा कि न्यायिक कार्यप्रणाली में सुधार जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी बात नहीं सुनी जाएगी, वे कार्य से दूरी बनाए रखेंगे। बार अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल ने बताया कि प्रदर्शन प्रतिदिन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह कदम न्यायिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने बताया कि छह नवंबर को फिर से बार एसोसिएशन की बैठक बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। प्रदर्शन में सतीश सिंह, केके सिंह, संजय शुक्ल, जगत राम पाल, संजय मिश्रा, प्रमोद श्रीवास्तव, अश्वनी श्रीवास्तव, अंजनी मिश्रा आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने कहा कि उनकी एकजुटता से ही न्यायिक व्यवस्था में सुधार संभव है।