अमेठी सिटी। परिषदीय विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। जन्म प्रमाणपत्र या आधार कार्ड न होने पर भी किसी बच्चे का प्रवेश नहीं रुकेगा। अभिभावकों की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर ही नामांकन किया जाएगा, जिससे कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रह जाए।
जिले के 1,570 परिषदीय स्कूलों में अब किसी भी बच्चे के दाखिले में आधार कार्ड या जन्म प्रमाणपत्र बाधा नहीं बनेगा। एक अप्रैल से स्कूल चलो अभियान शुरू है जो दो चरणों में चलेगा। पहला चरण 15 अप्रैल तक और दूसरा चरण एक से 15 जुलाई तक संचालित होगा। अभियान के तहत 40 हजार नए बच्चों के नामांकन का लक्ष्य है। लक्ष्य के तहत शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना और बच्चों की नियमित उपस्थिति बनाए रखने के लिए विभाग जोर-शोर से कवायद कर रहा है।
इसकी सफलता के लिए आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व शिक्षक घर-घर दस्तक दे रहे हैं। विशेष रूप से बालिकाओं, दिव्यांग बच्चों, झुग्गी-झोपड़ी और ईंट-भट्ठों पर रहने वाले बच्चों के नामांकन पर फोकस किया जा रहा है। इसके साथ ही ड्रॉपआउट और स्कूल से बाहर बच्चों को चिह्नित कर दोबारा शिक्षा से जोड़ने की कवायद भी तेज की गई है।
वहीं आंगनबाड़ी से कक्षा एक और कक्षा पांच से छह व कक्षा आठ से नौ में बच्चों का सौ फीसदी नामांकन चल रहा है। तीन वर्ष पूरे करने वाले बच्चों को बाल वाटिका और छह वर्ष पूरे करने वाले बच्चों की कक्षा एक में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि शासन के निर्देशों के तहत सभी स्कूलों को नामांकन प्रक्रिया को सरल और बाधा रहित बनाया गया है, जिससे हर बच्चा स्कूल से जुड़ सके।