लखनऊ। अमेठी के मुंसीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस रद्द होने से बवाल मचा है। कांग्रेस ने सियासी विद्वेष की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। मरीजों के हितों में तत्काल अस्पताल की व्यवस्था बहाल कराने की मांग की है। इस संबंध में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कांग्रेस अध्यक्ष ने पूर्व मंत्री अजय राय ने कहा कि मरीज की मौत मामले की कमेटी बनाकर जांच कराई जाए। लेकिन अस्पताल में मरीजों का उपचार नहीं रोका जाना चाहिए। उन्होंने अस्पताल के पंजीकरण के निरस्तीकरण आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है। बताया कि अस्पताल कई दशक से स्थानीय और आसपास के जनपदों के लोगों को न्यूनतम शुल्क पर बिना लाभ के स्वास्थ्य सुविधाएं दे रहा है।
यह अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं की लाइफ लाइन है। यहां बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी), आंतरिक रोगी विभाग एवं शल्य चिकित्सा (सर्जरी ) के लिए आने वाले लोग अत्यंत निम्न व्यय पर चिकित्सा सेवाएं लेते हैं। सुपर स्पेशियलिटी सेवाओँ में कार्डिओलॉजी, नेफ्रोलॉजी, गेस्ट्रो सहित अन्य विभाग हैं। सीटी स्कैन, रेडियोलॉजी, ब्लड बैंक, दवाखाना सहित सभी सुविधा है। ऐसे में अस्पताल का लाइसेंस निरस्त किया जाना मरीजों के साथ अन्याय है।
कमेटी बनाकर की जाएगी जांच- त्यागी
स्वास्थ्य महानिदेशक डाॅ. दीपा त्यागी ने बताया कि 14 को आपरेशन थियेटर में महिला की हालत गंभीर हुई। वेंटीलेटर पर लिया गया। 16 को लखनऊ रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद हार्ट की पैथोलॉजिकल जांच कराई जा रही है। बिसरा सुरक्षित किया गया है। सीएमओ को तत्काल लाइसेंस रद्द करने का अधिकार है। उसी के तहत लाइसेंस रद्द किया है। उन्होंने बताया कि सीएमओ को निर्देश दिया गया है कि सर्जन, फिजीशियन और एनेस्थेटिस्ट के साथ जिलाधिकारी द्वारा नामित सिटी मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी को मिलाकर कमेटी बनाए। डेथ आडिट करें। ओटी सील कर सभी पत्रावलियां कब्जे में ले लें। डेथ ऑडिट के बाद आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। विद्वेष की भावना का आरोप बेबुनियाद है। नियमों के तहत ही लाइसेंस रद्द किया गया है।