अमेठी। मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस निलंबित होने का विरोध तेज हो गया है। अस्पताल की सभी सेवाएं बंद होने से तैनात 400 कर्मचारियों के भविष्य को लेकर संकट खड़ा हो गया है। बुधवार को संजय गांधी चिकित्सालय कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बाद में कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अभिनव कनौजिया को दिया। कांग्रेसियों ने भी डीएम से मिलकर ज्ञापन सौंपा है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस संबंध में जवाब देने को सीएमओ अधिकृत हैं, जो कार्रवाई हुई है वह सीएमओ के स्तर से हुई।
कोतवाली क्षेत्र मुसाफिरखाना के गांव राम शाहपुर निवासी अनुज शुक्ला की पत्नी दिव्या शुक्ला की मौत के मामले में संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर सभी सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसी मुद्दे पर बुधवार को कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संजय सिंह की अगुवाई में कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में नारेबाजी की। कर्मियों ने निलंबन समाप्त करने की मांग की है।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर संघ ने डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया। कहा है कि संजय गांधी अस्पताल में वह बीते 35 वर्षों से कार्यरत हैं। अस्पताल पर कार्रवाई से यहां के कर्मचारियों की आजीविका पर संकट पैदा हो गया है। संघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि कर्मचारी संघ के हितों की रक्षा के लिए आर पार की लड़ाई होगी। यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया तो वह न्यायालय की शरण के साथ अनशन करेंगे। अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि कर्मचारियों के सामने सबसे बड़ा संकट परिवार के भरण पोषण का है। संजय सिंह परिहार ने कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इस मौके पर विनोद कुमारी सिंह, चंद्रभान पांडेय, विपिन श्रीवास्तव, फूलचंद तिवारी, शांति देवी, रामेश्वर विश्वकर्मा, मुरलीधर, गुड्डी रानी, राधेश्याम, राजेश यादव, राम प्रकाश, रीता, सुमन, माधुरी पाल समेत अन्य सभी कर्मचारी मौजूद रहे। इधर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ओपीडी से इमरजेंसी तक पुलिस की तैनाती की गई हैं।
कांग्रेसी बोले, दर्ज मुकदमे की कराएं जांच
- जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप सिंघल, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री अमेठी प्रभारी विवेकानंद पाठक, पूर्व एमएलसी दीपक सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में डीएम राकेश कुमार मिश्र से मुलाकात की।
कहा कि मुंशीगंज के संजय गांधी अस्पताल में हुई मौत के मामले में दर्ज प्राथमिकी की निष्पक्ष जांच कराई जाए। परिजनों को न्याय मिले लेकिन, अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निलंबित करना उचित नहीं है। कहा कि पहले भेजी गई नोटिस में तीन माह में जवाब देने को कहा गया। इसके बाद अगले दिन अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई दुर्भावना से ग्रसित होकर की गई है।
ऐसे में अस्पताल का संचालन तत्काल बहाल कराया जाए। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष योगेंद्र मिश्र, मुन्ना सिंह, टी एन त्रिपाठी, जिला महामंत्री / मीडिया प्रभारी अनिल सिंह, ब्लॉक प्रमुख सदाशिव यादव, राकेश मिश्र, अर्जुन पासी, शकील इदरिशी, सुनील सिंह, देवेंद्र सिंह, रामदत्त यादव,सावीना, रामबरन कश्यप, मतीन, किरन, रमाकांती आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।