मुसाफिरखाना। जमीनी रंजिश को लेकर पिंडारा ठाकुर गांव में मंगलवार रात शौच के लिए गए व्यापारी रत्नेश मिश्रा (20) की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद रत्नेश का शव गांव पहुंचा तो आक्रोशित परिजनों ने गौरीगंज-मुसाफिरखाना मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। इससे पूरे मार्ग पर घंटे भर तक आवागमन बाधित रहा।
मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने परिजनों की मांगों पर विचार करने का भरोसा दिलाकर जाम खत्म कराया। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें से दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार पर कर लिया। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस व एसओजी की तीन टीमें लगाई गई हैं।
पिता संतोष मिश्र ने बताया कि उनका बेटा रत्नेश गौरीगंज में कमलानगर बाजार में चश्मे की दुकान करता था। मंगलवार देर शाम दुकान से लौटने के बाद वह शौच के लिए निकला था। उसी समय नहर पटरी के पास पहले से घात लगाए बैठे शिव पूजन यादव, उनके बेटे अंकित यादव, राहुल यादव, पंकज यादव के अलावा अमित और ललित ने धारदार हथियार से रत्नेश पर हमला कर दिया। बेटे की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इस बीच हमलावर वहां से भाग निकले। रत्नेश को तुरंत सीएचसी मुसाफिरखाना ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल सुल्तानपुर रेफर कर दिया गया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही रत्नेश ने दम तोड़ दिया।
हत्या की सूचना पर एसपी अपर्णा रजत कौशिक, एएसपी ज्ञानेंद्र सिंह और सीओ मुसाफिरखाना अतुल कुमार सिंह पिंडारा ठाकुर गांव पहुंचे। रत्नेश के घरवालों से घटना के बारे में जानकारी लेने के बाद हत्यारोपियों में से दो को रात में ही पकड़ लिया गया। फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य संकलन कराया गया। एसओजी और सर्विलांस टीम को भी मुसाफिरखाना पुलिस के साथ लगाया गया है, ताकि अन्य आरोपियाें को जल्द पकड़ा जा सके। गांव में एहतियातन पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है। सीओ मुसाफिरखाना अतुल कुमार सिंह ने बताया कि रत्नेश की हत्या के मामले में छह नामजद व अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दो आरोपियों को पकड़कर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही वारदात का खुलासा किया जाएगा।