अमेठी सिटी। गौरीगंज स्थित रणंजय इंटर कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बृहस्पतिवार को आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मोबाइल फोन के संतुलित प्रयोग, साइबर ठगी, महिला सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। क्षेत्राधिकारी गौरीगंज अखिलेश वर्मा ने कहा कि मोबाइल फोन का सदुपयोग ज्ञानवर्धन और पढ़ाई तक सीमित रहना चाहिए। इसका अत्यधिक प्रयोग विद्यार्थियों के लिए हानिकारक हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है और असुरक्षा की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचित करना चाहिए।
क्षेत्राधिकारी ने साइबर अपराधों के तरीकों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अपराधी लालच का सहारा लेकर लोगों को ठगते हैं, जिसमें पढ़े-लिखे लोग भी फंस जाते हैं। बिना मेहनत के धन या उपहार का प्रलोभन मिलने पर सतर्क रहने और अनजान फोन कॉल या लिंक पर भरोसा न करने की सलाह दी गई। ठगी होने की स्थिति में 1930 पर संपर्क करने या थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा गया। छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया और किसी भी असहज स्थिति में 1090 महिला सहायता नंबर या 181 सहायता सेवा से संपर्क करने के लिए कहा । कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी दी गई और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने का संकल्प भी दिलाया गया।
प्रधानाचार्य डॉ. सुनील कुमार शुक्ल ने कहा कि पुलिस की पाठशाला से प्राप्त ज्ञान का उपयोग स्वयं और समाज को सुरक्षित बनाने में करना चाहिए। महिला आरक्षी दीक्षा द्विवेदी ने साइबर अपराधों में वृद्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि इनसे बचाव के लिए जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। इस मौके पर महिला आरक्षी सीमा यादव, वेदप्रकाश मिश्र, राकेश तिवारी, अराधना, तारा व भूपेंद्र मणि मिश्र और अरुणेश कुमार मिश्र सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
सवाल–जवाब
इस दौरान आयोजित सवाल जवाब के दौरान खुशी तिवारी ने पूछा कि गांव में पुलिस वाहन देर से क्यों पहुंचता है। उन्हें बताया गया कि डायल-112 सेवा का रिस्पांस टाइम ठीक है। शहरी क्षेत्र में कम समय और ग्रामीण क्षेत्र में निर्धारित समय के भीतर पहुंचने का प्रयास किया जाता है। छात्रा खुशी ने पूछा कि हम लोगाें के मन से पुलिस का भय कैसे दूर हो। बताया गया कि पुलिस निष्पक्ष जांच करती है। साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई होती है। पुलिस से डरने जैसी कोई बात नहीं होती। इसी तरह शबनम बानो ने पूछा कि गंभीर अपराधों में कार्रवाई में समय क्यों लगता है। जवाब दिया गया कि ऐसे मामलों में प्राथमिकता के साथ जांच होती है और शीघ्र निस्तारण का प्रयास रहता है। प्रियंका ने पूछा कि कठिन परिस्थितियों में भी पुलिस सेवा में तत्पर कैसे रहती है। बताया गया कि यही पुलिस का काम है। जनता की सेवा से मिलने वाला संतोष ही सबसे बड़ी प्रेरणा है।