बाजारशुकुल (अमेठी)। लगातार 25 घंटे बिजली क्या गुल हुई महोना और बाजार शुकुल उपकेंद्र से जुड़े इलाके के लोगों की परेशानी बढ़ गई। एक तो गर्मी और दूसरी तरफ इन्वर्टर और मोबाइल चार्ज नहीं होने से जैसे जिंदगी पटरी से उतर गई। हालत ये रही कि शनिवार सुबह छह बजे से रविवार सुबह नौ बजे तक लगातार आपूर्ति ठप रही। इस दौरान करीब एक लाख लोग तक को तरस गए। खेती-किसानी और कारोबार भी इस दाैरान चाैपट हो गया।
शनिवार रात उमस और गर्मी ने पूरी रात लोगों को बेचैन रखा। केवल बीस मिनट के लिए बिजली आई और फिर ऐसी गई कि फिर नहीं आई। रविवार सुबह करीब नौ बजे जब आपूर्ति बहाल हुई, तब कहीं जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। महोना उपकेंद्र से दस हजार से अधिक घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ता जुड़े हैं, साथ ही सौ से ज्यादा निजी नलकूप संचालित होते हैं। बाजारशुकुल उपकेंद्र से सात हजार उपभोक्ता और बड़ी संख्या में व्यावसायिक प्रतिष्ठान, नलकूप व संस्थान जुड़े हैं।
बारिश नहीं होने के कारण किसान निजी पंपिंग सेट से खेतों में पानी भरकर धान की रोपाई कर रहे थे। लेकिन बिजली बंद होने से खेतों में भरा पानी सूख गया और रोपाई की तैयारी अधूरी रह गई। बिना बिजली के इनवर्टर और मोटर पंप बंद हो गए। मोबाइल चार्ज न होने से संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई। व्यापारियों ने बताया कि दुकानों में रखी दूध, दही, खोया और पनीर जैसी चीजें खराब हो गईं।
छात्रों को पढ़ाई में दिक्कत हुई, वहीं घरेलू महिलाएं पानी की किल्लत से परेशान रहीं। एसडीओ राजेश चौहान ने बताया कि 33 केवीए लाइन में खराबी के कारण आपूर्ति बाधित हुई। बीच में बारिश ने सुधार कार्य को और कठिन बना दिया। सभी फाॅल्ट ठीक कर आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
बिजली गुल होते ही दुकान-खेत से रसोई तक छाया संकट
किसान शिव कुमार ने कहा कि खेत में पानी भराया था, लेकिन बिजली बंद होने से वह सूख गया और रोपाई रुक गई। होटल संचालक ध्रुवकेश शर्मा और सोनू अंसारी ने बताया कि पनीर, दही, खोया जैसी चीजें खराब हो गईं, धंधा चौपट हो गया। छात्र विकास कुमार का कहना है कि इन्वर्टर बंद होने से पढ़ाई नहीं हो सकी और पूरी रात गर्मी में नींद भी नहीं आई। गृहणी सुशीला देवी ने कहा कि बिजली न होने से भोजन बनाना मुश्किल हो गया, घर के काम निपटाना भी चुनौती बन गया।
अन्य उपकेंद्रों में भी रही अघोषित कटौती
गौरीगंज, पीठीपुर, खेरौना, बेनीपुर, बड़गांव और अमेठी उपकेंद्र क्षेत्र में भी बार-बार बिजली कटौती होती रही। मरम्मत और फाल्ट की वजह से एक-एक घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। कटौती ने आमजन को बेहाल कर दिया।