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Amethi News: 87 सदस्यों की नई कार्यसमिति गठित

Mon, 23 Mar 2026 12:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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अमेठी सिटी। विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने संगठन विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए जिला कार्यसमिति की घोषणा कर दी। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की संस्तुति पर जारी सूची में कुल 87 पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें 67 कार्यकर्ताओं को सदस्य बनाया गया है।
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जारी सूची के अनुसार विषुव मिश्रा, रामकृष्ण भारती और कृष्ण कुमार यादव को जिला महामंत्री बनाया गया है। राम अंजोर पाल, डॉ. राम शरण मौर्य, भवानीदत्त दीक्षित, हिन्देश सिंह, उपमा सरोज, राजेंद्र पासी, प्रभात शुक्ला और अशोक मौर्य को जिला उपाध्यक्ष पद मिला है। जिला मंत्री पद पर आशा बाजपेयी, संतोष दूबे, नीलम भारती, विकास पटेल, गीता सिंह, अरुण मिश्रा (राजा) और मनोज जायसवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अनिल सिंह को कोषाध्यक्ष बनाया गया है।


सदस्य पद पर शंकर बख्श सिंह, दीपचंद्र कौशल, हरनाम सिंह, पवन ओझा, उमरमणि सिंह, अजय तिवारी, मनोज तिवारी, अंजनी सिंह, त्रियुगी नारायण शुक्ला, डॉ. सुरेंद्र सिंह समेत 67 कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है। सूची में महिलाओं को भी पर्याप्त स्थान मिला है। रश्मि सिंह, सुनीता तिवारी, पूनम यज्ञसैनी, शकुंतला कौशल, नीलम श्रीवास्तव, नम्रता, रेनू वर्मा, सुमित्रा, रुक्मणि सिंह, कलावती, रेखा मिश्रा, विनीता मौर्य, उर्मिला सरोज, कंचन सिंह, कविता पाल, पूनम पांडेय, शालिनी पांडेय, कृष्णा मौर्य, रीता श्रीवास्तव, संगीता कसौधन, रश्मि यादव, गुडिया यादव, मंजू यादव, संतोष साहू और मुन्नी देवी समेत 31 महिलाओं को जिम्मेदारी दी गई है।
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जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी। संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। नई कार्यसमिति के गठन के बाद संगठन स्तर पर गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।


सूची से बड़े चेहरों के नाम गायब, चर्चा तेज

सूची जारी होने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ गई है। 87 पदों पर नाम घोषित होने के बावजूद कई बड़े चेहरे सूची में जगह नहीं बना सके। जिला उपाध्यक्ष, महामंत्री, मंत्री, कोषाध्यक्ष और सदस्य पदों पर नए नामों को प्राथमिकता मिली है। संगठन के भीतर यह भी कहा जा रहा है कि पदों के चयन में आयु सीमा पर ध्यान दिया गया है। इस कारण लंबे समय से सक्रिय कुछ वरिष्ठ नेता पीछे रह गए। वहीं नए चेहरों को अवसर मिलने से संगठन में बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
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