अमेठी सिटी। गौरीगंज थाने के बहोरिकपुर गांव में बृहस्पतिवार रात घर के पास खरपतवार को जलाने के दाैरान आग की चपेट में आने से किसान की जलकर मौत हो गई। काफी देर बाद परिजनों को जानकारी हो सकी, इसके बाद अफरा-तफरी मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र के झलही मजरे बहोरिकपुर गांव निवासी रामस्वरूप मौर्य (56) खेती करते थे। इनका घर गांव से बाहर है। घर के पास खरपतवार लगा था, बृहस्पतिवार की रात में भोजन करने के बाद घर के पास उगे खरपतवार को जलाने गए थे। बीमारी के कारण शारीरिक रूप से भी थे। खरपतवार को जलाने के दौरान वह आग की लपटों की चपेट में आ गए। हवा चलने के कारण आग की उठती लपटें तेज हो गईं। जब तक वह उठकर अलग होते, तब तक आग की चपेट में आ गए।
इसके कारण वह वहीं आग में ही गिर गए। जिससे आग में झुलसकर वह जिंदा जल गए। इससे उनकी मौत हो गई। कुछ देर बाद परिजन रामस्वरूप को खोजने लगे तो खरपतवार के पास धुआं उठता देखकर वहां पर पहुंचे तो मृत अवस्था में मिले। आग से गंभीर रूप से जल गए थे। परिजनों की चीख पुकार सुनकर वहां पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। एसएचओ शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि पंचायतनामा के आधार पर शव को पोस्टमॉर्टम कराया गया है। परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। यदि कोई तहरीर मिलती है तो नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पत्नी ने पुलिस को दी जानकारी
- मृतक की पत्नी राम दुलारी की ओर से पुलिस को लिखित सूचना दी गई है। कहा गया है कि पति राम स्वरूप रात में घर से थोड़ी दूर उगे खरपतवार को जलाने गए थे। तबीयत भी खराब होने से आग की चपेट में आ गए, इससे उनकी मौत हो गई।
घटना के समय घर पर नहीं थे बेटे
- मृतक के तीन बेटे व एक बेटी है। महेश, सुरेश व दिनेश के साथ ही बेटी संगीता सभी की शादी हो चुकी है। घटना के समय घर पर कोई मौजूद नहीं था। एक बेटा शादी में गया था, जबकि अन्य किसी काम से बाहर थे। फिलहाल, इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर किसी की आंखें नम है।