अमेठी के मिसरौली बाजार में श्रीराम कथा सुनते श्रद्धालु। -आयोजक
अमेठी। मनुष्य को कभी घमंड नहीं करना चाहिए। अहंकारी मनुष्य को समाज में मान-सम्मान नहीं मिलता है। मनुष्य का जीवन भगवान की भक्ति के लिए मिला है। भगवान की भक्ति करने से मनुष्य को मुक्ति मिल जाती है। ये बातें मिसरौली बाजार में आयोजित श्रीराम कथा के पहले दिन प्रवाचक लक्ष्मणाचार्य महाराज ने कहीं।
प्रवाचक ने कहा कि दुनिया इधर से उधर हो जाए, सब कुछ बदल जाए, मगर यह राम नाम ज्यों का त्यों यूं ही सदा बना रहेगा। नाम की महिमा कभी भी कम नहीं होगी, बल्कि दिन-प्रतिदिन इसकी महिमा बढ़ती ही जाएगी। राम की महिमा अपरंपार है। प्रभु श्रीराम स्वयं कह गए राम से बड़ा राम का नाम है। जो बात स्वयं राम कह गए वह कैसे गलत हो सकती है। जीवन का आधार ही राम नाम है। हर जगह राम नाम की महिमा का गुणगान है।
इस मौके पर आयोजक लालता प्रसाद मिश्र, रामकुमार तिवारी, गायत्री प्रसाद उपाध्याय, संत कुमार तिवारी, रामकुमार गुप्ता, राज किशोर मिश्र, पोपट मिश्र, रामजी तिवारी, सीताराम मिश्र, शिवकुमार पांडेय, राम बहादुर मिश्र, सतीश सोनी, रामचंद्र गुप्ता, कुंदन मिश्र, कमलाकांत पांडेय, डॉ. रवि, राम सुमेर गुप्ता, भोले विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।