अमेठी। एक परिषदीय कंपोजिट स्कूल को मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट स्कूल में तब्दील किया जाएगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग मानक पूरा करने वाले स्कूल के चयन में जुटा है। स्कूल चयनित होने के बाद शिक्षा व खेल के साथ हाईटेक सुविधा सहित अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी।
जिला मुख्यालय व आसपास के ब्लॉक में स्थित परिषदीय विद्यालयों का चयन होगा। चयनित स्कूल में सुविधाओं पर विशेष जोर होगा। मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट स्कूल के लिए जिले के सर्वश्रेष्ठ प्राइमरी, अपर प्राइमरी या कंपोजिट स्कूल को उच्चीकृत कर मॉडल स्कूल के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट स्कूल सभी ब्लॉक के पांच-पांच विद्यालय को बनाने की योजना है। पहले चरण में अभी एक ही विद्यालय को खोला जाएगा।
हाईटेक संसाधन व खेलकूद की होंगी सुविधाएं
इस विद्यालय में स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, कंप्यूटर, ग्रीन बेल्ट के साथ ही पेयजल, शौचालय, चहारदीवारी, रसोईघर आदि की बेहतर व्यवस्था भी होगी। इन स्कूलों को हाईटेक संसाधन के साथ खेल-कूद समेत अन्य सुविधाओं से लैस करते हुए पंजीकृत विद्यार्थियों को शिक्षा निजी स्कूलों से बेहतर मिलेगी। यही नहीं आधुनिक कंप्यूटर ज्ञान के साथ स्क्रीन पर शिक्षण कार्य करने की सुविधा मिलेगी। जहां बच्चों का बौद्धिक विकास होगा वहीं स्कूल में शिक्षा के साथ संचालित अन्य गतिविधियों से उनके शारीरिक विकास में भी मदद मिलेगी।
यह हैं मानक
बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार अभ्युदय कंपोजिट स्कूल जिला या तहसील मुख्यालय के समीप होने के साथ जिले के मुख्यमार्ग (नेशनल हाईवे या स्टेट हाईवे) के पास हो। विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक कक्ष के साथ न्यूनतम 08 कक्ष पहले से निर्मित हो। विद्यालय पूर्व से चिन्हित अधिकांश 19 मूलभूत सुविधाओं जैसे बालक-बालिकाओं के पृथक प्रसाधन, स्वच्छ पेयजल, हाथ धोने की सुविधा, क्रियाशील विद्युत कनेक्शन, दिव्यांग छात्रों के लिए निर्बाध पहुंच, रसोईघर, कक्षाओं व शौचालयों का टाइलीकरण, सुरक्षित चहारदीवारी, तथा बेहतर मुख्यद्वार हो। विद्यालय का भौतिक परिवेश एवं भवन आदर्श स्थिति में हो तो न्यूनतम नामांकन 200 से ऊपर हो।
मांगा गया है बीईओ से प्रस्ताव
शासन के निर्देश पर पहले चरण में एक स्कूल को मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट स्कूल में उच्चीकृत किया जाना है। सभी बीईओ को पत्र भेजकर मानक पूरा करने वाले स्कूलों की सूची मौजूद संसाधानों के साथ मांगी गई है। प्रस्ताव मंजूरी मिलने के बाद धनावंटन होते ही स्कूल में प्रस्तावित कार्य पूरा कराते हुए उसे हाईटेक सुविधा से लैस किया जाएगा।
संजय कुमार तिवारी-बीएसए