अमेठी सिटी। सरकार की मुफ्त राशन योजना अमीरों को भी खूब रास आई। अपना धान-गेहूं समर्थन मूल्य पर सरकार को बेचने वाले 8,991 बड़े काश्तकार भी मुफ्त राशन का लाभ लेते रहे। डाटा मिलान में खुलासा होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के पैरों के नीचे की जमीन खिसक गई है। शासन ने जिले को सूची सौंपी तो पूर्ति विभाग ने इनके राशन कार्ड निरस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत राशन कार्डधारकों को मुफ्त राशन वितरित किए जाने की व्यवस्था है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जिले में संचालित 765 कोटे की दुकानों से 70,249 अंत्योदय कार्डधारकों के 2,53,289 सदस्यों को प्रति माह 35 किलोग्राम राशन मुफ्त मिलता है। इसी तरह 2,75,546 पात्र गृहस्थी कार्डधारकों के 1,20,899 सदस्यों को प्रति माह पांच किलोग्राम राशन मुफ्त मिलता है।
पिछले दिनों शासन के निर्देश पर मुफ्त राशन लेने वाले कार्ड धारकों और सरकारी क्रय केंद्रों पर उपज बेचने वालों की सूची का मिलान कराया गया तो रिपोर्ट चौकाने वाली रही। रिपोर्ट में 8,991 बड़े काश्तकार ऐसे मिले, जो मुफ्त राशन ले रहे थे। इन किसानों ने अपनी कृषि योग्य भूमि दो हेक्टेयर से अधिक घोषित कर रखी है।
इन लोगों ने इस कृषि योग्य भूमि में होने वाली उपज को सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचकर अपने खातों में सरकारी समर्थन मूल्य भी लिया है। फिलहाल इन 8,991 राशन कार्ड धारकों के कार्ड निरस्त करने की तैयारी पूर्ति विभाग ने कर ली है। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जांच के बाद निरस्त होंगे कार्ड
शासन से पूरी सूची भेजी गई है। शासन ने सरकारी क्रय केंद्र पर उपज बेचने वाले किसानों के राशन कार्ड निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। जांच कराने के बाद राशन कार्ड निरस्त किए जाएंगे।
नीलेश उत्पल , जिला पूर्ति अधिकारी