तिलोई (अमेठी)। सऊदी अरब में नौकरी करने गए तिलोई क्षेत्र के एक युवक की मौत हो गई थी। 15 दिनों से पीड़ित परिवार युवक का शव गांव लाने की जद्दोजहद में लगा है।
मोहनगंज के चेतरा बुजुर्ग गांव निवासी करामत अहमद का बेटा इरशाद अहमद (34) साढ़े पांच माह पहले सऊदी अरब गया था। वहां ट्रक चला कर वह परिवार का पालन-पोषण करता था। पिछली पांच जुलाई को सऊदी अरब में इरशाद की मौत हो गई थी।
परिजनों को इरशाद की मौत की सूचना मिली तो होश उड़ गए। परिवार वालों ने बेटे के शव को सऊदी अरब से वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को ऑनलाइन प्रार्थना पत्र दिया है। परिवारीजन व गांव के लोग शव आने का इंतजार कर रहे हैं।
मासूम का चेहरा तक नहीं देख सका इरशाद
मृतक इरशाद तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। छोदे भाई रिजवान, मुस्तकीम, पिता करामत व मां साहिमा बानो, पत्नी साहिबा बानो का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के चार बेटियां हैं। मृतक की सबसे छोटी बेटी दो माह की बिसरा है। इस बेटी का जन्म इरशाद के सऊदी अरब जाने के बाद हुआ। इरशाद अपनी इस बेटी का चेहरा तक नहीं देख पाया है।
पीड़ित परिजनों ने सांसद किशोरी लाल शर्मा से मिलकर बेटे के शव को गांव लाने की गुहार लगाई है। ग्राम प्रधान मोनू जायसवाल ने बताया कि सांसद ने परिजनों को शव वापस लाने का आश्वासन दिया है।