मुसाफिरखाना के मठा रामपुर में बिजली दुरुस्त करते कर्मी। स्रोत: विभाग
मेठी सिटी। भीषण गर्मी और उमस के बीच जिले के 80 से अधिक पुरवे 18 दिन से बिजली संकट से जूझ रहे हैं। बिजली आपूर्ति ठप होने से कई गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। सिंचाई कार्य भी इससे प्रभावित हो रहा है। बिजली आपूर्ति की बहाली के लिए कई गांवों में ग्रामीणों को खुद चंदा जुटाकर बिजली के खंभे तक लगवाने पड़ रहे हैं।
जगदीशपुर और बाजारशुकुल के कई गांवों में आंधी के बाद बिजली व्यवस्था चरमरा गई थी। टूटे खंभे, क्षतिग्रस्त लाइन और खराब ट्रांसफार्मर अब तक पूरी तरह नहीं बदले जा सके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद भी अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं। लगातार बिजली न मिलने से बच्चों की पढ़ाई और घरेलू कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। बाजारशुकुल के विराहिम बाजगढ़ गांव में ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर सात बिजली खंभे लगवाए, लेकिन विभाग अब तक लाइन नहीं खींच सका। नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
मरम्मत में देरी से बढ़ रहा आक्रोश
जगदीशपुर के भूली नगर, पिछूती, नसीराबाद, मांझा, कचनांव और अलीनगर गांव में शनिवार को भी बिजली लाइन दुरुस्त करने का काम चलता रहा। मरम्मत कार्य में हो रही देरी के कारण उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों में आक्रोश भी बढ़ने लगा है। उपखंड अभियंता भैयालाल ने बताया कि पूरे सिनेत्र और पूरे छेदी गांव में खंभे लगाए जा रहे हैं। ट्रांसफार्मर लगने के बाद आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
तिलोई में नलकूपों की बिजली हुई बहाल
तिलोई। आंधी से बाधित बिजली आपूर्ति 18वें दिन बहाल कर दी गई। अधिशासी अभियंता राकेश रोशन ने बताया कि घरेलू कनेक्शन के साथ किसानों के नलकूपों की लाइन भी चालू कर दी गई है। कुछ स्थानों से शिकायतें मिली हैं, जिन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है। (संवाद)