अमेठी। कालाबाजारी के आरोप में प्रकाश गैस एजेंसी पर एफआईआर दर्ज होने के बाद उपभोक्ताओं को सिलिंडर मुहैया कराने के लिए बनाई गई वैकल्पिक व्यवस्था सोमवार को धड़ाम हो गई। ककवा रोड स्थित देव मैरिज लॉन में गैस वितरण के दौरान भारी भीड़ उमड़ पड़ी। करीब 700 मीटर लंबी लाइन लगी रही। 2100 से अधिक सिलिंडर सड़क किनारे कतार में रखे थे। इसके बाद भी अधिकांश को खाली हाथ लौटना पड़ा।
करीब एक माह से गैस सिलिंडर की किल्लत से परेशान उपभोक्ता सोमवार को सिलिंडर की आस में सुबह से पहुंचे। लोग लाइन में लग गए और घंटों अपनी बारी का इंतजार करते रहे। शुरुआत में व्यवस्था सामान्य दिखी, लेकिन वितरण शुरू होते ही स्थिति बदल गई। काउंटर पर बताया गया कि केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को गैस दी जाएगी, जिनका नया डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) जारी होकर अन्य एजेंसियों में स्थानांतरित हो चुका है।
जिन उपभोक्ताओं की पहले से परची कटी थी, उन्हें सिलिंडर देने से मना कर दिया गया। यह जानकारी मिलते ही लाइन में लगे उपभोक्ता मायूस हो गए। घंटों इंतजार के बाद भी बड़ी संख्या में लोग बिना सिलिंडर लिए ही लौट गए। उपभोक्ताओं में इसे लेकर नाराजगी दिखाई दी।
लाइन में लगवाया, नहीं दिया सिलिंडर
दोपहर करीब 12 बजे मैरिज लॉन के बाहर मिले रामलाल ने बताया कि सुबह से लाइन में खड़े हैं, लेकिन अब कहा जा रहा है कि परची वालों को गैस नहीं मिलेगी। सीमा देवी ने कहा कि 10 दिन से गैस नहीं मिली है। घर में चूल्हा जलाना मुश्किल हो गया है, लेकिन यहां भी निराशा हाथ लगी। अखिलेश कुमार ने कहा कि यदि पहले ही स्पष्ट जानकारी दे दी जाती तो लोग घंटों लाइन में नहीं लगते। शिवकुमार ने सवाल उठाया कि जब पर्याप्त सिलिंडर मौजूद हैं तो वितरण क्यों नहीं किया जा रहा। वहीं रीना देवी ने कहा कि प्रशासन को पहले से व्यवस्था सही करनी चाहिए थी, जिससे लोगों को बार-बार परेशानी न उठानी पड़े।
तीन एजेंसियों से जोड़े गए उपभोक्ता
डीएसओ शशिकांत ने बताया कि प्रकाश गैस एजेंसी पर कार्रवाई के बाद उसके करीब 40 हजार उपभोक्ताओं को शशांक गैस एजेंसी रामगंज, शिवा शिखर संग्रामपुर और राजाराम गैस एजेंसी बारामासी से संबद्ध किया गया है। तीनों एजेंसियों को उपभोक्ताओं को नियमानुसार सिलिंडर वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं आ सकी है।