गौरीगंज (अमेठी)। शासन के निर्देश पर जिले में 681 सामुदायिक प्रसाधन भवन का निर्माण कराने का निर्णय जिला प्रशासन ने लिया है। पंचायतों की ओर से भूमि उपलब्ध कराने तथा स्टीमेट तैयार होने के बाद अब तक दो चरणों में 418 भवन निर्माण की वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है। डीपीआरओ ने निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए 30 अक्टूबर की समय सीमा तय की है।
ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के हर घर को प्रसाधन भवन मुहैया कराने के बाद शासन ने अब सार्वजनिक स्थलों पर सामुदायिक भवन निर्माण कराने की योजना बनाई है। शासन के निर्देश पर डीएम अरुण कुमार ने डीपीआरओ श्रेया मिश्रा को ब्लॉकवार ऐसे सार्वजनिक स्थल जहां सामुदायिक भवन निर्माण की आवश्यकता हो उसका प्रस्ताव मांगा था। डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने जिले में कुल 681 स्थलों पर सामुदायिक प्रसाधन बनवाने का प्रस्ताव तैयार कराया।
इनमें से पहले चरण में 301 तो दूसरे चरण में 117 भवनों के निर्माण के लिए प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति दी जा चु़की है। स्वीकृति मिलने के बाद इनका निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। डीपीआरओ ने संबंधित एडीओ पंचायत व पंचायत सचिव को मानक के अनुरूप निर्माण कार्य पूरा करने के लिए नियमित निगरानी करने को भी कहा है। कहा कि भवन निर्माण पूरा करने की डेडलाइन 30 अक्टूबर नियत की गई है। निर्माण कार्य में धांधली बरतने तथा मानक विहीन निर्माण कराने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
निर्माण पर आएगी यह लागत
डीपीआरओ ने बताया कि जिले में तीन श्रेणी के सामुदायिक प्रसाधन का निर्माण होना है। छह शीटर पर 7.5 लाख, चार शीटर पर 5.71 लाख तथा दो शीटर पर 3.85 लाख रुपये की लागत आएगी। कहा कि सभी प्रसाधन भवन में 46 हजार रुपये मनरेगा योजना से लगाया जाएगा।
सम्मानित होंगे ग्राम प्रधान
डीपीआरओ ने बताया कि मानक का पालन करते हुए नियत समय पर निर्माण पूरा कराने वाले तीन-तीन ग्राम प्रधानों को सम्मानित किया जाएगा। कहा कि इसके लिए दो श्रेणी निर्धारित की गई है। कार्य पूरा करने के लिए 15 सितंबर तक पहला चरण तो 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक दूसरा चरण निर्धारित किया गया है। सबसे पहले निर्माण पूरा करने वाले प्रधानों को प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।