अमेठी सिटी। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत दूसरे चरण में 593 छात्रों को 145 निजी स्कूलों में सीटें आवंटित हुई हैं। आवेदन करने वाले 1093 बच्चों में से जांच में विभिन्न कारणों 258 को अपात्र पाया गया है।
आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित हैं। इस बार निजी स्कूलों में करीब 428 स्कूल के 3240 सीटों पर दाखिले होने हैं। पहले चरण में 20 जनवरी से 18 फरवरी तक आवेदन प्रक्रिया चली। इसमें 1159 अभिभावकों ने बच्चों के दाखिले के लिए आवेदन किया। दस्तावेज सही नहीं पाए जाने पर 560 छात्रों के फॉर्म निरस्त कर दिए गए। बड़ी संख्या में ऐसे छात्र हैं, जिन्होंने ग्राम पंचायत और वार्ड से बाहर आवेदन किया या फिर दूसरे जिले का आधार कार्ड लगाया था। जांच के बाद 119 स्कूलों की 711 सीटों पर प्रवेश दिलाया गया।
योजना के दूसरे चरण में 31 मार्च तक 1093 आवेदन प्राप्त हुए। आवेदन की जांच के बाद 258 अपात्राें का आवेदन निरस्त करते हुए सोमवार को लॉटरी सिस्टम से 145 स्कूलों में प्रवेश के लिए 593 बच्चों का चयन किया गया। चयन के बाद जिला स्तरीय कमेटी से अनुमोदन प्राप्त करते हुए प्रवेश दिलाते हुए शिक्षित करने की कवायद तेज हो गई है।
आवंटित की गईं सीटें
जिला समन्वयक सामुदायिक प्रवीण सिंह ने बताया कि जांच के बाद केवल 593 छात्रों के ही आवेदन सही पाए गए। अब इन छात्रों को लॉटरी सिस्टम के जरिए सीटें आवंटित की गई हैं। इसमें से 1145 स्कूलों में ही छात्रों को सीट आवंटित हुई। लॉटरी सिस्टम के बाद बेसिक शिक्षा विभाग जिला स्तरीय कमेटी से अनुमोदन प्राप्त कर प्रवेश दिलाते हुए निशुल्क शिक्षा दी जाएगी तो स्टेशनरी मद में अनुदान अभिभावक के खाते में भेजा जाएगा।
तीसरे चरण की प्रक्रिया 16 अप्रैल से
शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों की अवशेष सीट के लिए तीसरे चरण के लिए 16 अप्रैल से आठ मई तक ऑनलाइन आवेदन होंगे। 15 मई तक सत्यापन की प्रक्रिया होगी और 16 मई को लॉटरी निकाली जाएगी। 23 मई तक दाखिले होंगे। चौथे और अंतिम चरण के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी।
नियमानुसार जांच के बाद हुआ चयन
दूसरे चरण की चयन प्रक्रिया पूरी हो गई है। चयनित बच्चों को नियमानुसार प्रवेश दिलाते हुए योजना से लाभान्वित किया जाएगा। वंचित पात्र परिवार के लोग तीसरे चरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद नियमानुसार आरक्षित सीट पर प्रवेश दिलाते हुए नि:शुल्क शिक्षा दिलाई जाएगी।
-संजय कुमार तिवारी, बीएसए