गौरीगंज (अमेठी)। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट मूल्यांकन कार्य पहले दिन सिर्फ औपचारिकता के बीच निपट गया। दोनों केंद्रों पर उप नियंत्रकों ने मौजूद परीक्षकों को संबोधित करते हुए उन्हें मूल्यांकन टिप्स दिए। मूल्यांकन कार्य की शुचिता कायम रहे इसके लिए परिसर में मोबाइल फोन के साथ प्रवेश वर्जित करते हुए ऑनलाइन मॉनीटरिंग सिस्टम से निगरानी की गई। पहले दिन इंटर के मूल्यांकन केंद्र पर महज 552 कापियां जांची गईं।
हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शनिवार को शुरू हुआ। शहर के रणंजय इंटर कॉलेज को हाईस्कूल और रामनगर अमेठी स्थित रणवीर इंटर कॉलेज को इंटर की कापियों का मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। रणंजय इंटर कॉलेज गौरीगंज के प्रधानाचार्य डॉ. सुनील कुमार शुक्ल व रणवीर इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य डॉ. राजेश सिंह को उपनियंत्रक नामित किया गया है। मूल्यांकन की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे व वाइस रिकार्डर को संचालित रखने के साथ निर्बाध आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए दोनों केंद्रों पर दो-दो पर्यवेक्षक भी तैनात किए गए हैं।
शनिवार को दोनों केंद्रों पर प्रधानाचार्य/उप नियंत्रक व नामित पयर्वक्षक ने शिक्षकों के साथ बैठक कर मूल्यांकन कार्य की शुचिता कायम रखने के संबंध में निर्देशों की जानकारी दी। बताया गया कि मूल्यांकन से जुड़े किसी भी शिक्षक या कर्मचारी को इस दौरान मेडिकल या अन्य किसी तरह का अवकाश मान्य नहीं होगा। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य के साथ ही ओएमआर सीट भरने में पूरी सावधानी बरतने को कहा। उप नियंत्रकों ने मूल्यांकन में शामिल परीक्षकों से मूल्यांकन की समाप्ति तक किसी भी शिक्षक को मेडिकल या अन्य अवकाश नहीं मिलने तथा प्रति दिन सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक मूल्यांकन कार्य करने का निर्देश दिया।
शिक्षकों को मूल्यांकन के दौरान मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करने की बात कहते हुए फोन सुबह कार्यालय में जमा करने की नसीहत दी गई। आवंटित शत प्रतिशत उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य सचिव के निर्देश पर पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जाएगा। पहले दिन रणवीर इंटर कॉलेज में इंटर की महज 552 कापियां ही जांची गईं।
मूल्यांकन कार्य की निगरानी के लिए रणंजय इंटर कॉलेज में अनिल राविया व रघुनाथ मौर्या को पर्यवेक्षक नामित किया गया है। इसी तरह रणवीर इंटर कॉलेज रामनगर में अनुज मौर्य व रामकुमार को सचिव के निर्देश पर समय से मूल्यांकन पूरा कराने की जिम्मेदारी दी है। मूल्यांकन कार्य में गड़बड़ी की दशा में केंद्र प्रभारी के साथ पर्यवेक्षक के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन कार्य के दौरान सूचना आदान प्रदान करने के साथ ऑनलाइन निगरानी के लिए मॉनीटरिंग सेल सक्रिय किया गया है। शहर स्थित जीजीआईसी में कंट्रोल रूम/मॉनीटरिंग सेल में अजय वर्मा व मोनू की तैनाती की गई है। दोनों कर्मियों को प्रतिदिन मूल्यांकन केंद्र से समन्वय स्थापित कर सचिव व कार्यालय के साथ निर्देशक को सूचना भेजने के साथ ऑनलाइन निगरानी करने को कहा गया है।