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17.18 करोड़ से मॉडल के रूप में विकसित होंगे 53 गांव

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गौरीगंज (अमेठी)। जिले में ओडीएफ घोषित पांच हजार से ऊपर आबादी वाले 53 गांवों को मॉडल के रूप में विकसित करने का रास्ता साफ हो गया। जिला स्तर से भेजे गए प्रस्ताव पर पिछले दिनों शासन ने 17.18 करोड़ रुपये की वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। स्वीकृति मिलने के बाद पंचायत विभाग द्वारा जिला स्वच्छता समिति के समक्ष अनुमोदन के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद ग्राम पंचायतों को निर्धारित मानक व राशि के अनुरूप कार्य कराने की अनुमति दे दी जाएगी।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी घरों को प्रसाधन भवन मुहैया कराने के बाद शासन ने 2024-25 तक जिले के सभी गांवों को पूरी तरह स्वच्छ बनाने की कवायद शुरू की है। इसके तहत पहले चरण में स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 के तहत जिले की 45 ग्राम पंचायतों के पांच हजार व उससे ज्यादा आबादी वाले 53 ओडीएफ प्लस राजस्व ग्रामों को पूरी तरह से स्वच्छ बनाकर मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए चिन्हित किया गया था।
गांवों का चयन करने के बाद उन्हें पूरी तरह से स्वच्छ व गंदगी मुक्त बनाने के लिए बिंदुवार कार्ययोजना तैयार कर वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति के लिए निदेशालय भेजा गया था। प्रस्ताव पर शासन ने 17 करोड़ 18 लाख 51 हजार रुपये की वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति दे दी। शासन ने स्वीकृति मिलने के बाद पंचायतीराज विभाग उक्त प्रस्ताव को जिला स्वच्छता समिति के समक्ष प्रस्तुत करेगा। समिति से अनुमोदन मिलने के बाद संबंधित पंचायतों को नियमानुसार कार्य कराने की अनुमति दे दी जाएगी। गांव को स्वच्छ बनाने पर होने वाला व्यय स्वच्छ भारत मिशन से 70 फीसदी तथा 30 फीसदी वित्त आयोग के टाइड फंड से किया जाएगा।
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जल्द शुरू होगा कार्य
डीपीआरओ श्रीकांत यादव ने बताया कि कार्ययोजना के तहत चयनित गांवों को पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त करने, ठोस कचरा निस्तारण व्यवस्था, तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर काम जल्द शुरू करा दिया जाएगा। इसके साथ ही प्लास्टिक मुक्त गांव प्रबंधन तथा माहवारी प्रबंधन पर कार्य किया जाएगा। कहा कि इन गांवों में बने सामुदायिक प्रसाधन भवनों पर माहवारी प्रबंधन के तहत सेनेटरी पैड निस्तारण के लिए इंसीनेटर मशीन लगाई जाएगी। यह भी बताया कि पहले चरण में 20 फीसदी गांवों का चयन किया गया है। दूसरे चरण में वर्ष 2023-24 व तीसरे चरण में वर्ष 2024-25 में 40-40 फीसदी गांवों का चयन कर 2025 तक जिले के सभी गांवों को पूरी तरह स्वच्छ बनाया जाएगा।
कराए जाएंगे ये कार्य
जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन आरपी सिंह ने बताया कि चयनित गांवों में स्वच्छता से संबंधित कुल 20 प्रकार के कार्य कराए जाएंगे। इसमें कंपोस्ट पिट, सामुदायिक वर्मी कंपोस्ट, सामुदायिक बायो गैस प्लांट, सामुदायिक एवं संस्थागत कचरा पात्र व प्लास्टिक बैंक, कचरा वाहन, एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र टाइप-एक, दो व तीन का निर्माण कराया जाएगा। इसी तरह सामुदायिक एवं संस्थाओं हेतु सोक पिट, यू-टाइप नाली निर्माण, भूमिगत नाली निर्माण, हैंडपंप प्लेटफार्म, रेटोफिटिंग (मरम्मत व निर्माण), हैंडपंप पर सोक पिट, सैप्टिक टैंक से निकलने वाले ब्लैक वाटर हेतु लीच पिट, मलीय कचरा प्रबंधन हेतु ट्रेचिंग, ब्लॉक स्तर पर प्लास्टिक कचरा प्रबंधन केंद्र, स्वच्छता किट (ड्रेस, फावड़ा, तगाड़ी, साबुन, ग्लब्स व कैप आदि), संचालन एवं रख-रखाव व तहसील स्तर पर मलीय कचरा प्रबंधन केंद्र का निर्माण कराया जाएगा।
इन राजस्व गांवों का चयन
पहले चरण में अमेठी ब्लॉक के गांव जंगलराम नगर व नरैनी बहादुरपुर ब्लॉक के गांव बहादुरपुर, ब्रह्मनी, मोहना, ओदारी, पीढ़ी, सराय महेशा व टंडवा का चयन किया गया है। इसी तरह भादर ब्लॉक के गांव पीपरपुर, सोनारी, तिवारीपुर व टीकरमाफी, भेटुआ ब्लॉक के गांव भीमी व टिकरी, जगदीशपुर ब्लॉक के गांव दौलतपुर लोनहट, सेदुरवा, सिधियांवा, टांडा व थौरी, जामो ब्लॉक के गांव ऐंधी, बलभद्रपुर, गोरियाबाद, जामो, कटारी, रिछौरा, मवई व सूखी बाजगढ़, मुसाफिरखाना ब्लॉक के गांव दादरा, गाजनपुर दुवरिया तथा नारा अढ़नपुर का चयन किया गया है। इसी तरह बाजार शुकुल ब्लॉक के गांव बरसंडा, किसनी, शाहपुर शमसुल, महौना पश्चिम व मवैया रहमतगढ़, सिंहपुर ब्लॉक के गांव आजादपुर, महमूद सराय, बहुआ, फतेपुर, इन्हौना, खारा, पन्हौना, पाती बक्शी, फूला, रास्ता मऊ व सातन पुरवा तथा तिलोई ब्लॉक के गांव पाकरगांव, सतवा, महेशपुर, पूरे लक्ष्मन देई, सेमरौता व तिलोई राजस्व गांव का चयन किया गया है।
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