गौरीगंज तहसील स्थित संपूर्ण समाधान दिवस में लगे पंजीकरण काउंटर पर मौजूद फरियादियों की भीड़। सं
अमेठी सिटी। मैडम...पांच साल में 50 से अधिक बार शिकायत कर चुका हूं, लेकिन जमीन की पैमाइश नहीं हो रही है। खेती ही परिवार की रोजी-रोटी का सहारा है। जोताई-बोआई नहीं हो पा रही, घर चलाना मुश्किल हो गया है। गौरीगंज तहसील में सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में ओरीपुर निवासी बद्री प्रसाद ने एडीएम न्यायिक अमृता सिंह के सामने यह पीड़ा रखी। उन्होंने बताया कि लगातार शिकायतों के बाद भी जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका है। इस पर एडीएम ने संबंधित अधिकारियों को प्रकरण का समयबद्ध निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
जिले की चारों तहसीलों में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद, पैमाइश, कब्जा, सार्वजनिक रास्तों और अतिक्रमण से जुड़ी रहीं। अमेठी तहसील में प्रभारी डीएम एवं सीडीओ पूजा साहू ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। गौरीगंज के गोठवा निवासी महावीर ने शिकायत की कि एसडीएम न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के बावजूद विपक्षियों ने रास्ता बंद कर दिया है। कई बार शिकायत करने के बाद भी रास्ता नहीं खुलवाया गया।
गौरा गांव निवासी इबरान ने बताया कि सितंबर 2025 में बंटवारे के बाद राजस्व टीम ने पैमाइश कराई थी, लेकिन इसके बाद भी भूमिधरी जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका। उन्होंने भी कई बार शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई न होने की बात कही। जिले की चारों तहसीलों में कुल 159 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें अमेठी में 38 में एक, मुसाफिरखाना में 23 में एक, गौरीगंज में 70 में पांच तथा तिलोई में 28 में दो शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष मामलों के लिए राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।