अमेठी सिटी। लखनऊ-वाराणसी रेल ट्रैक के दोहरीकरण के बाद अब इसे और मजबूत व बेहतर बनाने के लिए रेलवे की ओर से पुरानी माइनर पुलिया की जगह सीमेंटेड पुल रैंप फिट किए जाएंगे। एक पुल रैंप में करीब 25 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसको लेकर विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
रेल विभाग की ओर से रेल यात्रियों की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए लखनऊ-वारणसी रेल ट्रैक पर पुल रैंप बनाए जाएंगे। कई दशक पूर्व रेल लाइन का निर्माण हुआ था। उस समय की तकनीक एवं ट्रेनों की रफ्तार के अनुसार ट्रैक व माइनर पुलिया का निर्माण हुआ था। अब तेज रफ्तार ट्रेनों के संचालन को लेकर रेलवे ट्रैक को सुरक्षित एवं बेहतर किया जा रहा है। बस्तियों के पास ट्रैक को सुरक्षित करने के लिए दीवार बनाई जा रही है। वहीं, ट्रैक पर दशकों पूर्व बनाई गई माइनर पुलिया को बदल कर वहां पुल रैंप लगाए जाएंगे।
लखनऊ वाराणसी रेल खंड स्थित उतरेटिया से लेकर प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन तक करीब 200 से अधिक माइनर पुलिया बदलने का कार्य होगा। जिसमें इस रेल खंड पर अमेठी जिले में पड़ने वाली 50 से अधिक माइनर पुलिया को बदला जाएगा। एक माइनर पुलिया को बदलने में रेल विभाग को करीब 25 लाख रुपये से अधिक खर्च आएगा। विभाग की ओर से पुरानी माइनर पुलिया के स्थान पर नया पुल रैंप लगाया जाएगा।
रेल यात्रियों की यात्रा होगी सुगम
रेल विभाग की ओर से अब विद्युत संचालित ट्रेनों को तेज रफ्तार से संचालित कराने की कवायद की जा रही है। इस रेल खंड पर रेल यात्रियों को वाराणसी व लखनऊ पहुंचने के लिए जहां अभी जिले से दो से तीन घंटे का समय लगता है। तेज रफ्तार ट्रेनों के संचालन के बाद कम समय लगेगा और उनकी यात्रा जहां सुगम होगी। साथ ही समय की भी बचत होगी।
माइनर पुलिया बदलने का कार्य शुरू
रेल विभाग के आईओडब्लू सौरभ सिंह ने बताया कि लखनऊ-वाराणसी रेलखंड पर उतरेटिया से लेकर प्रतापपगढ़ तक करीब 200 से अधिक पुल रैंप का निर्माण होगा। अमेठी जिले में करीब 50 से अधिक माइनर पुल रैंप बनेंगे। लखनऊ की ओर से कार्य शुरू कर दिया गया है। निर्धारित समय पर कार्य पूरा कर लिया जाएगा। अमेठी जनपद में भी शीघ्र पुल रैंप निर्माण का काम शुरू होगा।