संग्रामपुर (अमेठी)। माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए गए संग्रामपुर क्षेत्र के तीन गांवों के 47 श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर की मूसलाधार बारिश में फंस गए। पांच दिन तक होटल और स्टेशन में कठिनाई झेलने के बाद सांसद किशोरीलाल शर्मा के हस्तक्षेप से उनके घर वापसी का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
भावलपुर, बनवीरपुर कटरा और बेघौरा धौरहरा से श्रद्धालुओं का जत्था 25 अगस्त को यात्रा पर रवाना हुई थी। श्रद्धालु चंचल तिवारी ने बताया कि जम्मूतवी स्टेशन पर पहुंचते ही तेज बारिश शुरू हो गई, मजबूरी में महंगे होटलों में रुकना पड़ा, जहां बिजली और पानी की भारी समस्या रही। किसी तरह कटरा पहुंचे तो सूचना मिली कि बारिश के कारण माता वैष्णो देवी के दर्शन पूरी तरह बंद है। दो दिन तक होटल में रुके। इस दौरान दर्शन की उम्मीद टूटने के साथ भोजन और ठहरने को लेकर भी परेशानी हुई।
उपलब्ध नहीं था कोई साधन
श्रद्धालुओं ने बताया कि अमेठी लौटने के लिए कोई साधन उपलब्ध नहीं था। जम्मू और कटरा से चलने वाली सभी ट्रेनें रद्द हो गईं। केवल इतना बताया जा रहा था कि पठानकोट, जालंधर या अंबाला से ट्रेनें मिल सकती हैं, लेकिन वहां तक पहुंचने का कोई जरिया नहीं था। भीषण बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए थे। श्रद्धालुओं के मुताबिक, यह यात्रा भयावह अनुभव साबित हुई। दर्शन न मिल पाने का अफसोस रहा। साथ ही जीवन की सबसे कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
इन श्रद्धालुओं को हुई परेशानी
जत्थे में दीनानाथ दुबे, बचना देवी, रेनू गिरी, जयप्रकाश, सुमन, चंचल तिवारी, गुड्डू द्विवेदी, रमाकांत तिवारी, राधे मोहन तिवारी, विनोद सोनी, ध्रुवलाल, कमला, कुंवारी देवी, कल्लू, बृजेश, सीमा, शिमला, नीलम, बिना, हरबहादुर शर्मा, प्रभावती, माधुरी, शिवकुमार, निर्मला, अमित, उसमा, शिवचरण, देशराज, दिनेश, राजाराम, फूलकली, शशि सिंह, लालबिहारी सिंह, रामकृपाल, छोटका, शीला, सूरज, कमली सिंह, द्वारका प्रसाद, कमलेश सिंह, राजा सिंह, श्यामा देवी, मुन्ना तिवारी, शैलेंद्र, रविंद्र मिश्रा, नंदलाल मिश्रा, द्वारका और निर्मला मौजूद हैं। इन सभी को परेशानी झेलनी पड़ी।
सांसद ने कराई व्यवस्था
बृहस्पतिवार शाम श्रद्धालुओं ने संग्रामपुर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष बृजेश मिश्र से मदद मांगी। उन्होंने तत्काल जानकारी सांसद किशोरीलाल शर्मा को दी। सांसद ने जम्मू प्रशासन से संपर्क कर ठहरने और भोजन की व्यवस्था कराई। शुक्रवार को बस उपलब्ध कराकर सभी को पठानकोट रवाना किया गया। वहां से ट्रेन के जरिये उन्हें घर भेजने की तैयारी चल रही है। कांग्रेस कार्यालय प्रभारी बृजेश तिवारी ने बताया कि श्रद्धालुओं ने फोन पर पठानकोट पहुंचने की सूचना दी है। सभी से लगातार संपर्क रखा गया है और उन्हें सुरक्षित ढंग से घर पहुंचाने की समुचित व्यवस्था की जा रही है।