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Amethi News: 4.34 करोड़ गबन मामले में 10 माह बाद पूरी हुई जांच

Thu, 15 Jan 2026 12:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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अमेठी सिटी। बेसिक शिक्षा विभाग में अवशेष देयक, सामान्य भविष्य निधि और बीमा भुगतान से जुड़े 4.34 करोड़ रुपये के गबन प्रकरण की जांच आखिरकार पूरी हो गई। बीईओ को जांच रिपोर्ट देने में 10 माह का समय लगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में आरोपी दोनों शिक्षकों के खिलाफ रिकवरी और सेवा समाप्ति की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बीएसए संजय कुमार तिवारी ने बताया कि दोनों शिक्षकों के खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है। शिक्षा निदेशालय को रिपोर्ट भेजने के साथ सेवा समाप्ति और रिकवरी की कार्रवाई की जा रही है। पूरे मामले में न्यायालय में पैरवी करते हुए सरकारी धन की वसूली और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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इस मामले की प्राथमिकी 21 मार्च 2025 को दर्ज कराई गई थी। इसके बाद बीईओ गौरीगंज को सौंपी गई जांच ठंडे बस्ते में चली गई थी। इस मामले को अमर उजाला के 21 दिसंबर 2025 के अंक में ‘तीन करोड़ का गबन कागजाें में दफन’ शीर्षक के साथ प्रमुखता से उजागर किया गया था। जिसके बाद मामले की जांच ने रफ्तार पकड़ी। करीब दस माह तक चली जांच के बाद बीईओ ने अपनी जांच रिपोर्ट बीते दिनों बीएसए को सौंप दी है। रिपोर्ट मिलने के बाद विभागीय स्तर पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाने की कवायद भी तेज हो गई है।
विभागीय जांच पूर्ण होने के बाद अब शिक्षा विभाग के अफसरों ने पुलिस से समन्वय भी बढ़ा दिया है। ताकि पुलिस की तरफ से मामले की चार्जशीट जल्द ही न्यायालय में दाखिल की जा सके। शिक्षा निदेशालय से अनुमति मिलते ही विवेचक इस मामले में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल करेगा। (संवाद)
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आरोपी शिक्षक ने कोषागार में जमा किए दो लाख रुपये
गबन मामले में आरोपी शिक्षक शैलेश चंद्र शुक्ल के खाते में 48 लाख रुपये और श्रवण कुमार के खाते में 1.12 करोड़ रुपये भेजे गए थे। जांच में श्रवण कुमार ने 77 लाख रुपये आने की बात स्वीकार करते हुए तत्कालीन लेखा लिपिक मनोज मालवीय (जो इसी प्रकरण में निलंबित किए गए हैं) को नकद राशि देने की बात कही है। श्रवण द्वारा दो लाख रुपये कोषागार में जमा कराए जाने की भी चर्चा है। हालांकि वह नकद लेनदेन से जुड़ा कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। श्रवण ने दूसरे बैंक खाते में भेजे गए 34 लाख रुपये की बात स्वीकार नहीं की है। शैलेश चंद्र शुक्ल ने खाते में धन आने की बात से इनकार किया है।
लेखा लिपिक सहित पांच पर आरोप
इस मामले में 21 मार्च 2025 को वित्त एवं लेखा विभाग के लेखा लिपिक मनोज कुमार मालवीय, शिक्षक शैलेश चंद्र शुक्ल, श्रवण कुमार द्विवेदी, आउटसोर्स कर्मी शिवम और अभिषेक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बीएसए ने आख्या में उल्लेख किया कि दोनों शिक्षकों को 10 जुलाई को सेवा समाप्ति की नोटिस भेजी गई थी, लेकिन कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ। आउटसोर्स कर्मियों की सेवाएं पहले ही समाप्त की जा चुकी हैं। वे भी रिकवरी नोटिस का उत्तर नहीं दे रहे हैं।
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