जगदीशपुर (अमेठी)। स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार को अतिक्रमण हटाने पहुंची प्राधिकरण की टीम को जबरदस्त विरोध झेलना पड़ा। टीम पर पक्षपात पूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कुछ लोग भड़क गए। हालांकि, पुलिस की सख्ती के बाद अतिक्रमण के तहत 40 दुकानें हटाई गई।
स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र में सड़क निर्माण के बाद जल निकासी के मद्देनजर उच्चीकृत पटरी को सड़क के लेबल में लाने के लिए प्राधिकरण काम करवा रही है। पिछले सप्ताह से सड़क के किनारे अस्थायी पटरी दुकानदारों को स्वतः ही दुकान हटाए जाने के लिए निर्देशित करते हुए मुनादी कराई गई थी।
अधिकतर पटरी दुकानदारों ने खुद ही अपनी अपनी दुकानें हटा लीं। कुछ दुकानदारों ने सूचना और मुनादी के बावजूद भी सड़क की पटरी से अतिक्रमण अब तक नहीं हटाया था। मंगलवार को प्राधिकरण के सिविल निर्माण खंड छह अयोध्या से आए क्षेत्रीय अवर अभियंता आरसी निगम व क्षेत्रीय प्रबन्धक कार्यालय यूपीसीडा कार्यालय अमित कुमार ने स्थानीय कर्मचारियों व पुलिस की मदद से रोड नंबर एक पर अतिक्रमण हटवाना शुरू किया। तभी किसान यूनियन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे।
कार्यकर्ताओं ने दुकान को हटाने के लिए एक सप्ताह के समय और औद्योगिक क्षेत्र स्थित अन्य अतिक्रमण को हटाए जाने की मांग की। इस दौरान कुछ देर के लिए अतिक्रमण अभियान रोक दिया गया। किसान यूनियन टिकैत गुट के मंडल प्रवक्ता नफीस चंदेल का आरोप है कि प्राधिकरण के लोगों द्वारा पक्षपात पूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। एक ओर से अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए, रसूख वालों को बीच बीच में छोड़ देना लचर कार्य प्रणाली को दर्शाता है।
अवर अभियंता आरसी निगम ने बताया की कोई पक्षपात पूर्ण रवैया नहीं किया गया है। कुछ लोग सामान हटाने का समय मांग रहे थे, जिन्हें कहा गया है कि जल्द ही सामान हटा लें नही तो वैधानिक तरीके से उसे हटवा दिया जाएगा। एसओ अभिनेष कुमार का कहना है कि 40 दुकानें हटवाई गई है। कुछ को अतिशीघ्र दुकान हटाने को कहा गया है।