अमेठी सिटी। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला रविवार को 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित हुआ, जहां कुल 3143 मरीजों का परीक्षण कर दवा दी गई। इस दौरान 22 गंभीर मरीजों को सीएचसी रेफर किया गया।
गोसाईगंज पीएचसी पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सुमित राय की मौजूदगी में स्वास्थ्य मेला लगा। मेले में डॉ. अनुराधा, फार्मासिस्ट दिव्यानी सिंह समेत अन्य स्टाफ तैनात रहा। सुबह 12:30 बजे तक कुल 45 मरीज पहुंचे, जिनमें से 15 की जांच पूरी कर दवाएं वितरित की गईं। मेले में पहुंचीं नरैनी गांव निवासी बुजुर्ग मनोरमा देवी ने बताया कि 10 दिनों से बुखार के साथ कमर दर्द की समस्या है। प्राइवेट चिकित्सक से इलाज कराने के बाद भी आराम नहीं है। चिकित्सक ने दवा देने संग सावधानी बरतने की सलाह दी।
डिहवा निवासी सुमेरा देवी ने बताया कि उन्हें कमजोरी संग पैरों में झुनझुनाहट के साथ दर्द व कान की समस्या है। कई जगह इलाज कराया, लेकिन आराम नहीं मिला। मरीज रामचंद्र ने बताया कि पीलिया के साथ पेट दर्द व लिवर में सूजन की समस्या है। जांच कराकर प्राइवेट चिकित्सक से इलाज करा रहे थे, लेकिन आराम कम मिल रहा था। यहां मेले में चिकित्सक ने जांच कराई है। दवा देने संग चिकित्सक ने खानपान में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पीठीपुर निवासी संतराम ने बताया कि जोड़ों में दर्द के साथ कई दिनों जुकाम व बुखार है। चिकित्सक ने दवा देने संग खानपान और नियमित दवा लेने की सलाह दी है। मेले में डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया और वायरल संक्रमण से बचाव की जानकारी भी दी गई।
मेले में नहीं मिले आयुर्वेदिक चिकित्सक
गौरीगंज के भटगवां स्थित पीएचसी पर आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मेले में मेले 108 मरीजों का इलाज व 26 मरीजों की जांच हुई थी। मेले में चिकित्सक, फार्मासिस्ट सहित सभी कर्मी मौजूद मिले। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. अरविंद रावत नहीं मिले। सीएमओ ने बताया कि आयुर्वेदिक चिकित्सक तीन-तीन दिन भटगवां व सेमरौता में ड्यूटी करते हैं।