फुरसतगंज (अमेठी)। क्षेत्र में बुधवार तड़के करीब 2:30 बजे आई आंधी ने फुरसतगंज विद्युत उपकेंद्र के चार फीडरों डिघिया, टेकारी, उदारी और फुरसतगंज की आपूर्ति को पूरी तरह ठप कर दिया। इसके चलते करीब 300 गांवों की आबादी 50 घंटे से अधिक समय तक परेशान रही। चार फीडर से लगभग 12,000 घरेलू और 500 से अधिक व्यावसायिक उपभोक्ता टूटे खंभे व तार को दुरुस्त किए जाने की राह देखते रहे। शुक्रवार शाम विद्युत आपूर्ति बहाल करने का दावा ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने किया।
दो दिन पहले आए आंधी से ऊर्जा निगम का एक ट्रांसफार्मर, 20 खंभे टूट गए थे। इसके अलावा कई विद्युत खंभे गिरने से तार आपस में उलझकर टूटे थे। बड़ा नुकसान होने की वजह से ऊर्जा निगम के कर्मचारी व अधिकारी आपूर्ति को बहाल कराने में असहाय रहे। दूसरी तरफ बिजली गुल होने से 300 गांव की आबादी परेशान रही। स्थानीय निवासी अरविंद गुप्ता ने बताया कि बिजली न रहने से घर के सदस्यों के मोबाइल चार्ज नहीं हो सके, ऊपर से उमस ने हाल बेहाल कर दिया।
जग प्रसाद शर्मा ने बताया कि गेहूं पिसवाने के लिए बोरियां तैयार थीं, लेकिन बिजली न होने से चक्की बंद रही और मजबूरी में इंजन का सहारा लेना पड़ा। मूलचंद तिवारी ने कहा कि इनवर्टर भी जवाब दे गए। गर्मी में बच्चों और घर के मरीजों को दिक्कत हुई। वहीं रामेंद्र सिंह ने कहा कि विभाग को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए विशेष तैयारियां रखनी चाहिए। बिजली न रहने से मोबाइल और इनवर्टर डिस्चार्ज हो गए। इससे बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ा। लोग बार-बार ऊर्जा निगम के कर्मचारियों से विद्युत लाइन की मरम्मत कर आपूर्ति बहाल करने की गुहार लगाते रहे। वही ऊर्जा निगम के कर्मचारियों की टीम रात-दिन मरम्मत के काम में जुटी रही। कड़ी मशक्कत के बाद शुक्रवार शाम पांच बजे विद्युत आपूर्ति को पूरी तरह से बहाल किया जा सका। उपकेंद्र के अवर अभियंता राम अचल गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार शाम तक सभी फीडर से जुड़े गांवों की विद्युत व्यवस्था को सामान्य कर दिया गया।