अमेठी सिटी। जिला अस्पताल में संचालित ब्लड सेंटर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और विशेषकर गर्भवती महिलाओं के लिए जीवनदायिनी साबित हो रहा है। 14 जून 2024 को 500 यूनिट क्षमता वाले इस ब्लड सेंटर का संचालन शुरू हुआ था। पूरे जिले में यही एकमात्र सरकारी ब्लड सेंटर है। एक जनवरी से 31 दिसंबर 2025 तक इस ब्लड बैंक में 804 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इसमें से 300 यूनिट ब्लड गर्भवती महिलाओं को प्रदान किया गया, जिससे उनकी जान बचाई जा सकी।
ब्लड सेंटर से न केवल गर्भवती महिलाओं की मदद की गई है, बल्कि डायलिसिस, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों और निजी अस्पतालों में भर्ती अन्य जरूरतमंदों को भी रक्त उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त, 50 यूनिट प्लेटलेट्स और 25 यूनिट प्लाज्मा भी जरूरतमंदों को प्रदान किया गया है। ब्लड बैंक में ए पॉजिटिव, बी पॉजिटिव, एबी पॉजिटिव, ओ पॉजिटिव, ओ निगेटिव, ए निगेटिव, और एबी निगेटिव जैसे विभिन्न ग्रुप का ब्लड उपलब्ध हैं। प्रतिदिन औसतन तीन से चार यूनिट रक्त रोगियों को उपलब्ध कराया जाता है, जिससे आपातकालीन स्थितियों में तत्काल सहायता मिल सके।
अमेठी सीएचसी में लाइसेंस के बाद भी संचालन शुरू नहीं
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए, अमेठी और जगदीशपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में भी ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित करने की योजना प्रस्तावित है। हालांकि, अमेठी सीएचसी में ब्लड स्टोरेज यूनिट के लिए मई 2025 में लाइसेंस प्राप्त होने के बावजूद अभी तक इसका संचालन शुरू नहीं हो पाया है। इसके क्रियाशील होने से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने में प्रभावी मदद मिलेगी।
जल्द शुरू होगा संचालन
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि ब्लड सेंटर के संचालन से गंभीर रोगियों और गर्भवती महिलाओं को सहूलियत मिल रही है। दो नए ब्लड स्टोरेज यूनिट अमेठी और जगदीशपुर में खुलने हैं। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। अमेठी में जल्द यूनिट शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है।