अमेठी सिटी। जिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट 18 मई को अचानक तबीयत खराब होने के बाद मेडिकल अवकाश पर चले गए। यहां पर अल्ट्रासाउंड जांच ठप हो गई है। मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन वैकल्पिक प्रबंध का दावा कर रहा है। हकीकत यह है कि मरीजों को गैर जिले या निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र का सहारा लेना पड़ा। जिला अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा पर इन दिनाें ग्रहण लग गया है। जिला अस्पताल में वर्तमान में रेडियोलॉजिस्ट के पद पर डॉ. सोमेश्वर पुरी की तैनाती है। 18 मई को अचानक तबीयत खराब होने के बाद मेडिकल अवकाश पर चले गए। जिससे यहां पर अल्ट्रासाउंड की जांच ठप हो गई है। दूर दराज से आने वाले मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए बाहर भटकना पड़ रहा है।
सोमवार को पहले से जांच के लिए नंबर मिलने के बाद पहुंचे करीब 30 मरीजों को लबिना जांच कराए लौटना पड़ा। इतना ही नहीं, गर्भवती महिला व अन्य बीमारी से ग्रसित मरीजों का अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है। लोगों को गैर जिले या निजी निजी अल्ट्रासांउड केंद्र पर जांच कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। मरीजों को हो रही परेशानी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई सिर्फ पत्राचार तक समिति हो गई है। कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से प्रतिदिन मरीजों को परेशानी हो रही है।
मरीज बोले, बिना जांच लौटना पड़ा
जामो की रानी देवी ने बताया कि वह अपनी सास कर्मावती को लेकर जिला अस्पताल आई थी। 10 मई को ही उन्हें तीन जून को जांच की तिथि मिली थी। आज भी बिना जांच के लौटना पड़ा। रामेंद्र कुमार ने बताया कि पेट में दर्द है। चिकित्सकों ने अल्ट्रासाउंड कराने को कहा। आने पर पता चला कि डॉक्टर ही नहीं है, उनका कहना था कि अब क्या करें। रायबरेली या सुल्तानपुर जाकर जांच करवानी पड़ेगी। यही दर्द राघीपुर की प्रीति तिवारी का भी था। जांच न हो पाने से उन्हें वापस होना पड़ा। करीब 30 मरीज सोमवार को बिना जांच वापस लौटे।
वैकल्पिक व्यवस्था करने की हो रही कोशिश
तबीयत खराब होने के कारण रेडियोलॉजिस्ट मेडिकल पर है। इसको लेकर अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। सुल्तानपुर जिला अस्पताल में भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से अल्ट्रासांउड जांच करवाने में परेशानी हो रही है। सीएमओ ने पत्राचार कर वैकल्पिक व्यवस्था बनाने की बात कही गई है।
- डॉ. बीपी अग्रवाल, सीएमएस