प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जेठूमवई में मरीज का उपचार करते डॉक्टर राजीव सौरभ। संवाद
अमेठी सिटी। मौसम में बदलाव का असर रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में दिखा। 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बड़ी संख्या में लोग जांच और उपचार के लिए पहुंचे। इस दौरान 2749 मरीजों का इलाज किया गया। गंभीर हालत वाले 24 मरीजों को जिला अस्पताल भेजा गया। साथ ही 53 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। मेले के संचालन के लिए 59 डॉक्टर और 278 पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की गई।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जेठूमवई में 60 लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। लैब सहायक अखिलेश त्रिपाठी ने मरीजों की जांच की। डॉ. पीतांबर कनौजिया और डॉ. राजीव कुमार ने खांसी, बुखार, पेट दर्द, त्वचा रोग, बीपी और जोड़ों के दर्द से परेशान मरीजों का इलाज किया। जेठूमवई की सीमा देवी पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंचीं। चिकित्सक ने दवा दी और अधिक पानी पीने की सलाह दी। सुशील कुमार को बुखार था। डॉक्टर ने तीन दिन दवा लेकर आराम करने को कहा।
जमालपुर निवासी नूरजहां को त्वचा संबंधी समस्या थी। उन्हें दवा और क्रीम दी गई। चितौरा के रामअवध खांसी और कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंचे। जांच के बाद उन्हें दवा उपलब्ध कराई गई। गौरीगंज सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव सौरभ और नोडल अधिकारी बसंत कुमार ने जेठूमवई केंद्र का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने पंजीकरण, दवा वितरण, कतार व्यवस्था और जांच प्रक्रिया की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान पूरा स्टाफ मौजूद मिला। अधिकारियों ने मरीजों को समय पर दवा और परामर्श देने पर जोर दिया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने जायस और हरदों केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जायस केंद्र पर 45 मरीजों ने उपचार कराया और 23 जांच हुईं। हरदों केंद्र पर 28 लोगों की जांच और उपचार हुआ। दोनों स्थानों पर स्टाफ मौजूद मिला और केंद्रों की गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित रहीं।