अमेठी सिटी। दीपावली पर्व नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ गई है। पटाखों की बिक्री को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारी कर ली है। इस बार जिले में 37 स्थानों पर 261 अस्थायी पटाखा दुकानों को अनुमति दी गई है। इसके साथ ही नौ स्थायी लाइसेंसधारी दुकानदार भी पटाखा की बिक्री करेंगे। सभी बिक्री स्थलों पर सुरक्षा और भंडारण व्यवस्था की वीडियो कैमरे से निगरानी की जाएगी।
अमेठी कस्बे के रामलीला मैदान, गौरीगंज में जवाहर नवोदय विद्यालय के सामने, मुसाफिरखाना, मोहनगंज, जगदीशपुर, बाजारशुकुल, जायस, फुरसतगंज और अन्य स्थानों पर पटाखों की दुकानें लगेंगी। प्रशासन ने सभी दुकानों को आबादी से बाहर खुले क्षेत्रों में लगाने का निर्देश दिया है। अस्थायी लाइसेंस धारक केवल धनतेरस से दीपावली तक ही बिक्री कर सकेंगे।
पटाखा विक्रेताओं को निर्धारित क्षमता से अधिक भंडारण न करने के निर्देश दिए गए हैं। बड़ी बाजारों में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और पुलिस फोर्स भी तैनात की जाएगी ताकि किसी आकस्मिक स्थिति में तुरंत राहत कार्य किया जा सके। अग्निशमन अधिकारी शिवदरस प्रसाद ने बताया कि सभी स्थानों पर कर्मियों की तैनाती की गई है जो सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखेंगे। एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि सभी पटाखा विक्रेताओं को सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
बाजारवार पटाखा दुकानों की स्थिति
- गौरीगंज तीन बाजारों में 29 दुकानें
- मुंशीगंज एक स्थान पर 12 दुकानें
- जामों दो स्थानों पर 11 दुकानें
- अमेठी तीन बाजारों में 35 दुकानें
- पीपरपुर चार बाजारों में 11 दुकानें
- संग्रामपुर दो बाजारों में 17 दुकानें
- रामगंज – दो बाजारों में 14 दुकानें
- मुसाफिरखाना एक बाजार में 17 दुकानें
- बाजारशुकुल नौ दुकानें
- जगदीशपुर दो बाजारों में 14 दुकानें
- कमरौली पांच दुकानें
- भाले सुल्तान शहीद स्मारक सात दुकानें
- मोहनगंज सात बाजारों में 26 दुकानें
- जायस 12 दुकानें
- फुरसतगंज दो बाजारों में 12 दुकानें
- शिवरतरनगंज दो बाजारों में दो दुकानें
- इन्हौंना दो बाजारों में 10 दुकानें।
अस्थायी दुकान पर भंडारण नियम और सावधानी
- दुकानें प्रशासन की ओर से चिह्नित स्थानों पर ही लगाई जाएं।
- प्रत्येक दुकान पर पानी का ड्रम, बालू और अग्निशमन यंत्र मौजूद हों।
- दुकानें खुली जगह में और आबादी से पर्याप्त दूरी पर हों।
- दुकान के पास धूम्रपान, आग या ज्वलनशील वस्तु पूरी तरह प्रतिबंधित हो।
- एक दुकान से दूसरी दुकान के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी हो।