अमेठी सिटी। जिले की सभी 30 पीएचसी में रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन हुआ, जिसमें 2605 मरीजों का परीक्षण कर इलाज किया गया। वहीं, 28 गंभीर मरीजों को सीएचसी रेफर किया गया। साथ ही 47 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। हालांकि जन आरोग्य मेले की ड्यूटी में लगे कई कर्मी नदारद रहे।
गौरीगंज सीएचसी क्षेत्र स्थित सैठा पीएचसी पर प्रभारी डॉ. महेंद्र कनौजिया की मौजूदगी में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला लगा। इसमें फार्मासिस्ट प्रमोद मौर्य, स्टाप नर्स खुशबू यादव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नीलम व सन्नू, आशा संगिनी सरोज सिंह मौजूद रहीं। करीब 11:18 बजे एएनएम कंचन पांडेय व पूजा तिवारी केंद्र पर पहुंचीं। पैथाेलॉजी के एलटी नहीं मौजूद रहे। जिससे मरीजों की जांच नहीं हो पाई। 11:18 बजे तक करीब 24 मरीज पहुंचे थे।
मेले में पहुंचे रामदासपुर गांव निवासी बुजुर्ग रामहरस ने बताया कि सांस की समस्या से परेशान हैं। दवा लेने पर भी आराम नहीं मिल रहा है। चिकित्सक को दिखाया है। उन्होंने दवा के साथ ठंड से बचाव की सलाह दी है। बछिलाही गांव निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग श्यामलाल ने बताया कि जोड़ों में दर्द की वजह से ठंड में चलने व उठन-बैठने में समस्या हो रही है। दर्द की दवा खाने के बाद थोड़ा बहुत आराम मिलता है। आज मेले में डॉक्टर साहब को दिखाया हूं, उन्होंने दवा के साथ मालिस के लिए मलहम दिया है।
अधियारी गांव निवासी बुजुर्ग बिट्टन देवी ने बताया कि मधुमेह से वह परेशान हैं। दवा लेने के बाद भी आराम नहीं मिल रहा है। मेले में आज जांच कराकर दवा लेने आई थीं, लेकिन जांच नहीं हुई। सिर्फ दवा ही मिली है, अब बाहर जांच करानी पड़ेगी। बादेराय का पुरवा गांव निवासी बुजुर्ग धनपता ने बताया कि जोड़ों में दर्द, मधुमेह, थाइराइड की समस्या से परेशान हैं। मेले में जांच कराकर दवा लेने आईं थीं। लेकिन पैथाेलॉजी में एलटी नहीं होने से उनकी जांच नहीं हुई। चिकित्सक ने दवा दी है, बाद में आकर जांच कराने को कहा है।
वहीं जेठू मवई में डॉ. पीतांबर कनौजिया की देखरेख में लगे मेले में 34 मरीजों का इलाज हुआ। इसके साथ ही सभी पीएचसी पर मौजूद चिकित्सकों ने फाइलेरिया, बुखार आदि से बचने को लेकर लोगों को जागरूक किया।