अमेठी सिटी। जिले में पर्यावरण की दृष्टि से हरियाली क्षेत्र का बढ़ना काफी राहत देता है। जिले के वन आवरण क्षेत्र में करीब 2.21 वर्ग किमी. तक की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया कर रिपोर्ट में वन क्षेत्र में वृद्धि होने की बात कही गई है।
बढ़ते प्रदूषण से पर्यावरण को संतुलित करने के लिए जिले में संचालित पौध रोपण अभियान का प्रभाव अब दिखने लगा है। जिले में गोमती नदी किनारे संग अधिकांश भू-भाग में उसरीली मिट्टी पर भी जिला प्रशासन ने हरियाली लाने की दिशा में बेहतर काम किया है। लगातार अभियान संचालित कर प्रत्येक वर्ष रिकॉर्ड पौधरोपण कर उनकी देख-रेख व्यवस्था सुनिश्चित कर जियो टैगिंग करवाते हुए निगरानी की गई। पौध रोपण अभियान में वन विभाग संग अन्य विभागों की सहभागिता करवाते हुए आम लोगों को भी अभियान से जोड़ा।
इसके चलते ही जिले में हरियाली बढ़ी तो वन क्षेत्र में भी इजाफा हुआ है। इसकी पुष्टि फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की सर्वे रिपोर्ट में हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्र 3060 वर्ग किमी.है। 2017 से पूर्व जहां जिले का वन क्षेत्र लगभग 145 वर्ग किमी था वह 2019 में 40 वर्ग किमी बढ़कर 185 वर्ग किमी हो गया है। जबकि 2021 की रिपोर्ट में वन क्षेत्र में वृद्धि नहीं होने की बात कही गई थी। 2023 में हुए सर्वे की रिपोर्ट में जिले में 208.13 वर्ग किलोमीटर में वन क्षेत्र होने की पुष्टि हुई।
रिपोर्ट में बताया गया कि जिले में 4.57 वर्ग किलोमीटर में अति सघन वन है तो 3.12 वर्ग किलोमीटर में मध्यम वन और 64.80 वर्ग किलोमीटर में खुले वन क्षेत्र हैं। इसके अतिरिक्त अन्य कई स्थानों पर भी वन क्षेत्र तैयार हुआ है।
चार वर्ष में रोपित पौधों का आकंडा
वर्ष - वन विभाग - अन्य विभाग - योग
2021 - 23,03,335 - 23,68,950 - 51,25,130
2022 - 27,43,100 - 23,60,500 - 51,03,600
2023 - 21,45,012 - 24,13,070 - 45,58,082
2024 - 21,90,605 - 24,74,902 - 46,65,507
आगामी वर्षा काल में रोपित होंगे 43 लाख पौधे
डीएफओ रणवीर मिश्र ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जिले में आगामी वर्षा काल में वन विभाग 20,02,400 और अन्य 24 विभाग मिलकर 23,62,160 पौधे रोपित करेंगे। बताया कि रोपित करने के लिए नर्सरी में पौध तैयार की जा रही है। जिले को हरा भरा बनाने संग पर्यावरण की दृष्टि से सुदृढ़ करने के लिए नियमित पौध रोपण के साथ निगरानी की जा रही है। भरोसा दिलाया कि 2025 के सर्वे में वन क्षेत्र वृद्धि में जिले के पहले स्थान दिलाया जाएगा।