गौरीगंज के जेठूमवई पीएचसी पर आयोजित जन आरोग्य मेले में मरीज का इलाज करते डॉक्टर। संवाद
अमेठी सिटी। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला रविवार को जिले के 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित हुआ, जिसमें कुल 2154 मरीजों का उपचार किया गया। इसमें 996 पुरुष, 895 महिलाएं और 263 बच्चे शामिल रहे। मेले में कुल 68 चिकित्सक और 258 पैरामेडिकल कर्मियों ने अपनी सेवाएं दीं। गंभीर हालत में नौ मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
मेले में सबसे अधिक मरीज बुखार, खांसी, उल्टी-दस्त, त्वचा संबंधी रोग, शुगर और हड्डी दर्द से पीड़ित रहे। बारिश के चलते मरीजों की संख्या अपेक्षा से कुछ कम रही, फिर भी अधिकांश पीएचसी पर सुबह से ही मरीज पहुंचने लगे थे। पीएचसी जेठूमवई में तैनात डॉ. पीतांबर कनौजिया और अन्य स्टाफ ने मिलकर मरीजों की जांच की। डॉ. कनौजिया ने बताया कि उन्होंने अकेले 45 मरीजों का उपचार किया। मरीज क्रांति देवी, कमलकिशोर, रामदीन और सर्वादीन ने बताया कि मौसम बदलने के बाद से उन्हें दस्त और चकत्ते की समस्या हो रही थी। डॉक्टरों ने उन्हें दवा देने के साथ खानपान और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने जायस क्षेत्र के पीएचसी का निरीक्षण किया और खुद मरीजों की जांच भी की। जायस क्षेत्र में खांसी और बुखार के मरीज अधिक आए। यहां इलाज के लिए पहुंचे सुशीला देवी, चंद्रकला, लीलावती, राम भजन और सौरभ कसौधन ने बताया कि उन्हें हल्का बुखार और जुकाम की शिकायत है। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार कर उन्हें आराम करने और सावधानी बरतने को कहा।
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे गांवों में ही शुरुआती जांच और दवा मिल जाती है। जरूरतमंद मरीजों को आगे की जांच और इलाज के लिए उचित परामर्श भी दिया गया। उन्होंने बताया कि आने वाले हफ्तों में संक्रमण की आशंका को देखते हुए लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।