अमेठी सिटी। जिले के 118 परिषदीय स्कूलों के करीब 15 हजार बच्चों व शिक्षकों के सिर पर वर्षों से खतरा मंडरा रहा है। इन स्कूलों के ऊपर से गुजरीं हाईटेंशन लाइनें शिक्षा विभाग की तमाम कवायदों के बाद भी अब तक हट नहीं पाई हैं। अब शासन ने सीधे तौर पर मामले का संज्ञान लिया तो लाइन शिफ्ट होने की उम्मीद जगी है। हालांकि, शिफ्टिंग के लिए पावर कॉर्पोरेशन की ओर से बनाए गए इस्टीमेट को जमा करने पर ही यह कार्य शुरू हो सकेगा। शिक्षा विभाग ने इसके लिए शासन से बजट मांगा है। शासन से धन मिलने के बाद ही शिफ्टिंग का कार्य शुरू हो पाएगा।
जिले में संचालित 1570 परिषदीय स्कूलों में से 118 खतरे की जद में हैं। इनके ऊपर से हाईटेंशन लाइनें गुजरी हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने लाइनें हटाने के लिए कई बार पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को पत्र लिखा। लाइन शिफ्टिंग के लिए एस्टीमेट बनाने के लिए भी कहा गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। कई बार बैठकें भी हुईं, लेकिन सभी बेनतीजा रहीं। इस समस्या का जब शासन ने संज्ञान लिया तो बेसिक शिक्षा विभाग एक बार फिर आगे आया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। इसमें जिन स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरी है, उनकी सूची पावर कॉरपोरेशन को उपलब्ध करा दी है।
63 स्कूलों के निर्माण के बाद खींची गई लाइन
बेसिक शिक्षा विभाग की सर्वे रिपोर्ट में 63 परिषदीय स्कूल ऐसे हैं, जिनके निर्माण के बाद पावर कॉर्पोरेशन ने लाइन बनाई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इन लाइनों को शिफ्ट करने के लिए कॉर्पोरेशन को पत्र भेजा है। इन स्कूलों की लाइन शिफ्टिंग में होने वाला खर्च पावर कॉर्पोरेशन को वहन करना होगा।
लाइन शिफ्टिंग के लिए शुल्क का प्रावधान
प्रभारी अधीक्षण अभियंता रोहित सिंह ने बताया कि विद्युत लाइन किसी भी भवन के ऊपर से नहीं खींची जाती है। आमतौर पर उसके नीचे भवन बाद में बनते हैं। लाइन शिफ्टिंग के लिए शुल्क का प्रावधान है। बेसिक शिक्षा विभाग को लाइन शिफ्टिंग के पहले अनुमानित लागत का एस्टीमेट लेकर धनराशि जमा करनी होगी। शुल्क जमा होते ही स्कूल परिसरों से लाइन शिफ्ट करा दी जाएगी।
जल्द शिफ्ट कराई जाएगी लाइन
परिषदीय स्कूलों के ऊपर से गुजरीं हाईटेंशन लाइनें हटाने के लिए पावर कॉर्पोरेशन से लगातार संपर्क किया जा रहा है। कॉर्पोरेशन ने 55 स्कूलों के ऊपर से गुजरी लाइनों को शिफ्ट करने के लिए शुल्क निर्धारित किया है। शासन से शुल्क की मांग की गई है। धनराशि मिलने के बाद उसका भुगतान कर लाइन शिफ्ट कराई जाएगी।
- संजय कुमार तिवारी, बीएसए