अमेठी सिटी। जिले में जंगली जानवरों की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही। फुरसतगंज और अमेठी क्षेत्र के बाद बुधवार की सुबह शाहगढ़ ब्लॉक के अलग-अलग गांवों में जंगली जानवर के हमले में 14 लोग घायल हो गए। इन घायलों का अस्पताल में उपचार करवाया गया। सूचना पर गांव पहुंची वन विभाग की टीम जंगली जानवरों की तलाश कर रही है।
शाहगढ़ ब्लॉक क्षेत्र के सोरांव गांव में बुधवार की सुबह खेत की तरफ निकले बैजनाथ अग्रहरि (75) पर जंगली जानवर ने हमला बोल दिया। उनकी चीख-पुकार सुनकर जब तक ग्रामीण एकत्र होते जानवर भाग निकला। इसके बाद जंगली जानवर ने कनकसिंहपुर गांव निवासी दिनेश कुमार (28), पनियार चौराहा बरगदिहा गांव निवासी राजकुमार गुप्ता (48), इंद्रपाल यादव (65), जगन्नाथ (70), जया का पुरवा मजरे कोरारी लच्छनशाह निवासी गुड़िया (14), अभय नारायण शर्मा (65), तुलसीपुर गांव निवासी राम सुमेर (54), चेतराम पांडेय का पुरवा निवासी रामबदल यादव व पूरबगांव निवासी माता देई (54), राम अभिलाष के 14 वर्षीय पुत्र रोहित तथा सीता (47) पर हमला कर घायल कर दिया। बुधवार को एक ही गांव के 11 लोगों पर हुए जंगली जानवर के हमले से ग्रामीण भी सहमे हुए हैं। हालांकि, किस जंगली जानवर ने हमला किया, इस पर ग्रामीण भी अभी कुछ नहीं बता सके।
सियार ने काटा तो ग्रामीणों ने मार डाला
शाहगढ़ ब्लॉक के मौजी का पुरवा गांव निवासी गंगा पाठक (70) और उनके बेटे सतीश तिवारी को एक सियार ने काटकर घायल कर दिया। हल्ला-गुहार पर पहुंचे ग्रामीणों ने सियार को घेरकर मार डाला। परिजनों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाते हुए मामले की सूचना पुलिस व वन विभाग को दी। पुलिस व वन विभाग की टीम ने छानबीन की लेकिन जानवर का पता नहीं चला।
लोग सावधानी बरतें
डीएफओ रणवीर मिश्र ने बताया कि मौके पर छानबीन की गई है, अभी तक किसी वन्यजीव की पुष्टि नहीं हो सकी है। लोग सावधानी बरतें।
फुरसतगंज और अमेठी क्षेत्र में हो चुका हमला
जंगली जानवर के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले फुरसतगंज के कई गांवों और अमेठी के कालू का पुरवा व पूरे आसरे तिवारी गांव में जानवर के हमले में दो लोग घायल हो चुके हैं।
वन विभाग की टीम की जांच में अब तक हमले करने वाले जंगली जानवर का पता नहीं चल सका है। इसके अतिरिक्त जगदीशपुर के औद्योगिक क्षेत्र में सियार दिखने की सूचना जिम्मेदारों को मिल चुकी है। जंगली जानवरों के हमले की लगातार बढ़ रही घटनाओं से लोगों में भय व्याप्त है। खौफजदा लोग गांव में 24 घंटे पहरा दे रहे हैं। ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर ही खेतों की तरफ जा रहे हैं।
घायलों को लगाई गई एंटी रैबीज वैक्सीन
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिमन्यु वर्मा ने बताया कि जंगली जानवर के हमले में घायल हुए लोगों का उपचार किया गया। सभी को एंटी रैबीज वैक्सीन लगाने के साथ जरूरी दवाएं दी गई हैं। जख्म से इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल है कि किस जानवर ने हमला किया है। फिलहाल, घायलों के अनुसार सियार ने हमला किया है।
वन विभाग की टीम खाली हाथ
वन क्षेत्राधिकारी शिवाकांत शर्मा ने बताया कि जंगली जानवर के हमले की सूचना मिली है। टीम के साथ वे स्वयं मौके पर हैं। जांच में किसी जानवर के पग चिह्न नहीं मिले है। तलाश ऑपरेशन जारी है। ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है। ग्रामीणों को टोल फ्री नंबर देकर जंगली जानवर दिखने पर सूचना देने को कहा गया है।