गौरीगंज (अमेठी)। रेशी गांव में सोमवार को हुए मासूम की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मासूम के शरीर पर 13 जगह जलाए जाने के निशान मिले हैं। इसके साथ ही गला दबाकर उसे मौत के घाट उतारा गया है। पुलिस ने कई संदिग्धों से पूछताछ कर हत्या की कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है। ग्रामीणों के बीच हो रही चर्चा में बलि में हत्या अन्य पहलुओं को पुलिस जांच कर रही है। जामो थाने के रेशी गांव निवासी जितेंद्र प्रजापति का पुत्र सत्येंद्र कुमार (4) का शव सोमवार की सुबह गांव के बाहर तालाब की सूखी नाली में पड़ा मिला था। शव के पास मिली अगरबत्ती, शरीर के कई स्थानों पर कपूर से दागने के निशान मिले थे। सूचना के बाद पुलिस ने पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा था।
सूत्रों के अनुसार सत्येंद्र की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला दबाने से मासूम की मौत होने तथा 13 स्थानों पर किसी वस्तु से जलाने की पुष्टि हुई है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार कराने के बाद पुलिस की तीन टीमें मामले की जांच में जुटी हैं। 24 घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस हत्या के सही कारणों का पता नहीं लगा सकी है।
पुलिस टीम ग्रामीणों के बीच अंध विश्वास के चक्कर में बलि देने के लिए हत्या करने समेत कई अन्य बिंदुओं की जांच कर रही है। सूत्रों की माने तो पुलिस टीम क्षेत्र में सक्रिय तांत्रिक पुलिस की रडार पर है। कई संदिग्धों को हिरासत में लेते हुए पुलिस मासूम के हत्या की कड़ी जोड़ने की कोशिश करने में जुटी है।
परिजन के साथ ग्रामीण गमगीन है तो किसी को भी इस अनहोनी पर भरोसा नहीं हो रहा है। सत्येंद्र के खुश मिजाज होने से वह परिवार के साथ गांव के लोगों का प्रिय था। फिलहाल पुलिस टीम संदिग्धों से पूछताछ के साथ घटनास्थल के आस-पास सक्रिय मोबाइल नंबरों का सीडीआर निकाल कर पड़ताल कर रही है।
पुलिस टीम मासूम की हत्या से जुड़े जांच में मिले पहलू को बताने से इंकार कर रही है। एसएचओ विवेक सिंह ने बताया कि हत्या से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। जल्द ही मामले का खुलासा होगा।