अमेठी सिटी। जिले में तैनात 500 से अधिक आउटसोर्सिंग कर्मियों के 72 घंटे की हड़ताल पर जाने से मंगलवार को जिले की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। फाॅल्ट आने और कर्मियों के अभाव में जिले के करीब आठ विद्युत उपकेंद्र व अन्य उपकेंद्रों के कई फीडर बंद होने से करीब 12 लाख की आबादी हवा व पानी के लिए तरस गई है। लोग भीषण गर्मी में बेहाल हो उठे। कर्मियों के अभाव में फाॅल्ट ठीक करने में समस्या आ रही हैै।
ऊर्जा निगम में तैनात आउटसोर्सिंग बिजली कर्मियों ने प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर विभिन्न मांगों के समर्थन में 72 घंटे का कार्य बहिष्कार कर दिया है। ऐसे में फॉल्ट आने के कारण कर्मियों के अभाव में जिले के करीब आठ विद्युत उपकेंद्र ब्रेकडाउन हो गए हैं, जिसमें अमेठी उपकेंद्र, बेनीपुर, मुसाफिरखाना, कर्पिया, पीपरपुर, बड़गांव, शुकुलपुर, घोरहा विद्युत उपकेंद्र के बंद होने की जानकारी मिली है। वहीं, जिले के अन्य विद्युत उपकेंद्रों में कई फीडर फाॅल्ट आने से बंद हो गए है। मंगलवार सुबह से कई उपकेंद्र तो दोपहर बाद अन्य उपकेंद्र बंद हो गए। ऐसे में विद्युत आपूर्ति ठप होने से भीषण गर्मी में इन संबंधित उपकेंद्रों की करीब 12 लाख की आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ा। नाममात्र के कर्मियों के सहारे फाॅल्ट ठीक करने आदि में समस्या आ गई है।
आउटसोर्सिंग कर्मचारी संगठन मंत्री अरुण मिश्र ने बताया कि 20 मई रात 12 बजे से 72 घंटे का कार्य बहिष्कार हो रहा है। करीब 500 से अधिक कर्मी कार्य बहिष्कार पर हैं। बताया कि 23 मई की रात 12 बजे रात प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर काम पर लौटेंगे। ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता रविकांत ने बताया कि आउटसोर्सिंग कर्मी हड़ताल पर हैं। विभाग में मौजूद मात्र 10 फीसदी नियमित कर्मियों की ड्यूटी उपकेंद्रों के संचालन में लगाई गई है। एजेंसियाें से मदद लेकर विद्युत आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है।