गौरीगंज (अमेठी)। जिले में मिलावटखोरों पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने अभी तक 99 नमूने संग्रहीत कर जांच के लिए भेजे हैं। विभाग को गत वर्ष से लेकर अब तक भेजे गए नमूनों में 173 की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इनमें 117 नमूने जांच में फेल पाए गए। 47 मिलवाटखोरों पर 7.53 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।
लोगों के स्वास्थ्य से खिलावड़ करने वाले मिलावटखोरों पर अंकुश लगाने के लिए जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन टीम लगातार कार्रवाई में जुटी है। मार्च से सितंबर तक संदिग्ध मिले 99 नमूने विभाग की ओर से जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। गत वर्ष से लेकर अब तक भेजे गए नमूनों में 173 की जांच रिपोर्ट प्रयोगशाला से विभाग को मिल चुकी है।
रिपोर्ट में 70 पदार्थों की रिपोर्ट सब स्टैंडर्ड (जैसे दूध में पानी मिलाना, पनीर से क्रीम निकालना आदि) तो 44 मामलों में लेबल परिवर्तन तो तीन (जिसमें अरहर की दाल, सिंघाडा तथा मूंगफली का दाना) असुरक्षित मिला है। वहीं अरहर की दाल, सिंघाडा व मूंगफली की रिपोर्ट असुरक्षित मिलने के बाद तीन दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आयुक्त की मंजूरी मांगी है। मंजूरी मिलने के बाद विक्रेता के खिलाफ वाद दायर किया जाएगा। गत वर्ष से लेकर इस वर्ष तक दायर 112 वादों में 47 का निस्तारण भी हो चुका है। निस्तारित वादों में मिलावट खोरों पर 7.53 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।
चल रहा अभियान
सहायक आयुक्त खाद्य राजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि जिले में मिलावटखोरों पर अंकुश लगाने के लिए नियमित जांच अभियान चल रहा है। पर्व में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। खाद्य सामग्री में मिलावट करने वालों पर कार्रवाई के लिए नमूने संग्रहीत कर प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।