तिलोई क्षेत्र में शारदा सहायक खंड 28 जौनपुर ब्रांच से निकली भदमर-चिलूलीककी कटी पटरी सही करने क
तिलोई (अमेठी)। मानक के अनुसार माइनरों की सिल्ट सफाई नहीं होने का खामियाजा आए दिन किसानों को भुगतना पड़ रहा है। आलम यह है कि नहर में पानी छोड़ते ही कहीं पटरी कट जा रही है, तो कहीं पानी उफनाकर तबाही मचा रहा है। मंगलवार रात कमई गांव के पास भदमर-चिलूली माइनर कटने से करीब 100 बीघा फसल डूब गई। सूचना के बाद भी सिंचाई विभाग के किसी कर्मचारी के मौके पर नहीं पहुंचने से किसानों में गुस्सा है।
शारदा सहायक खंड- 28 जौनपुर ब्रांच से निकली माइनर की पटरी मंगलवार की रात कमई गांव के पास पानी के तेज बहाव के चलते कट गई। रात की वजह से किसानों को जानकारी नहीं हो सकी। बुधवार की सुबह किसान खेत का नजारा देख सन्न रह गए। रातभर में करीब 100 बीघा फसल डूब गई थी। चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा था। किसान मामले की सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को देते हुए पटरी बांधने की कवायद में जुट गए, लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण असफल रहे।
कटान की सूचना देने के बाद भी सिंचाई विभाग के किसी जिम्मेदार के मौके पर नहीं पहुंचने पर किसानों में रोष है। किसानों के अनुसार कटान की वजह से करीब 70 बीघा गेहूं, 15 बीघा सरसों, 15 बीघा मटर की फसल पानी में डूब गई है। साथ ही राजेश कुमार के खेत में काट कर रखी गई एक बीघा धान की फसल भी डूब गई है। नहर समिति के अध्यक्ष राम सिंह, एडवोकेट ने बताया कि विभाग की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
40 किसानों का हुआ नुकसान
किसान विजय कुमार, महंत, राजशेखर मिश्रा, हरि प्रसाद, आशुतोष मिश्रा, समर बहादुर सिंह, विनायक यादव सहित करीब 40 किसान माइनर कटान से प्रभावित हुए हैं। खेतों में लबालब पानी भरा होने से फसलों के सड़ने की आशंका बढ़ गई है।
दुरुस्त कराई जाएगी पटरी
इस संबंध में सिंचाई खंड- 28 के अवर अभियंता प्रत्युष कुमार शुक्ला ने बताया कि सूचना मिली है। कर्मचारियों को भेजकर माइनर की पटरी को दुरुस्त कराया जाएगा।