गौरीगंज (अमेठी)। जिले के सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्रों में बुखार से पीड़ित 10 मरीजों में डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। कार्ड से हुई जांच में पॉजिटिव मिलने के बाद पुष्टि के लिए उनके सीरम का सैंपल लेकर राज्य प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया गया है। पॉजिटिव मिले मरीजों के गांव में पहुंची स्वास्थ्य टीमों ने बुखार से पीड़ित मरीजों का सर्वे शुरू कर दिया है।
पिछले करीब महीने भर से सरकारी अस्पतालों के साथ ही प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने जाने वाले मरीजों में ज्यादातर मरीज बुखार से पीड़ित मिल रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिले के सात सीएचसी क्षेत्रों के अलग-अलग गांवों में बुखार से पीड़ित 10 मरीजों की कार्ड से हुई जांच में डेंगू के लक्षण पाए गए। पॉजिटिव मिले सभी मरीजों में डेंगू की पुष्टि के लिए उनका सीरम सैंपल लेकर जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला स्वास्थ्य भवन लखनऊ भेज दिया गया है।
सीएमओ ने संबंधित सीएचसी अधीक्षकों को लक्षण वाले मरीजों के गांवों में स्वास्थ्य टीम भेजने का निर्देश दिया। गांव में स्वास्थ्य टीमों ने पॉजिटिव मरीजों को दवा मुहैया कराते हुए उनके परिवार के अन्य सदस्यों के साथ ही गांव के सभी घरों का सर्वे कर बुखार पीड़ित मरीजों को चिह्नित किया। गांव की नालियों व अन्य गंदगी वाली जगहों पर एंटी लार्वा दवाओं का छिड़काव भी कराया गया।
कार्ड से हुई जांच में डेंगू के लक्षण पाए जाने वालों में सीएचसी गौरीगंज, जगदीशपुर व संग्रामपुर में दो-दो तो सिंहपुर, तिलोई, अमेठी व बाजार शुकुल सीएचसी क्षेत्र के एक-एक मरीज शामिल हैं। नोडल अफसर/एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद ने बताया कि इनमें से दो मरीजों की जांच संयुक्त जिला अस्पताल व मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल में हुई। जगदीशपुर के सूर्या हास्पिटल में चार, सीएचसी बाजार शुकुल व जगदीशपुर में एक-एक मरीजों की कार्ड से जांच हुई।
कार्ड की जांच में इनमें डेंगू के लक्षण पाए गए। लक्षण मिलते ही संबंधित अस्पतालों की ओर से स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया गया। गांव पहुंची स्वास्थ्य टीमों ने कई दिनों से बुखार से पीड़ित 25 मरीजों की स्लाइड बनाई है। स्लाइड की जांच में किसी भी मरीज में मलेरिया व डेंगू के लक्षण नहीं पाए गए। सभी को आवश्यक दवाएं मुहैया कराई गई हैं।
संयुक्त जिला अस्पताल की ओपीडी में बृहस्पतिवार को कुल 925 मरीजों का इलाज किया गया। इनमें से अकेले 313 मरीज बुखार से पीड़ित मिले। चिकित्सकों द्वारा कई दिनों से बुखार से पीड़ित सभी मरीजों की पहले पैथालॉजी जांच कराई गई। सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में सभी प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। नोडल एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद ने बताया कि डेंगू व अन्य मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए पूरी बांह का कपड़ा पहनें।